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रोहिंग्या मुसलमान : 'म्यांमार-बर्मा मुर्दाबाद और इंसानियत जिंदाबाद' के जमकर लगे नारे
ब्यूरो/अमर उजाला, नूंह
Updated Sat, 16 Sep 2017 09:27 AM IST
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नारे लगाते प्रदर्शनकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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खून खराबा बंद करो..... बंद करो....... इंसानियत पर जुल्म बंद करो, बंद करो। इन्हीं नारों के साथ नगीना से बड़कली चौक पर हजारों की तादाद में निकले जमीयत उलेमा ए हिंद व अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शांति मार्च निकाला। यह मार्च बर्मा, म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर निकाला गया।
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इस अवसर पर ज्ञापन पत्र आईएएस राहुल नरवाल के मार्फत गृह मंत्रालय भारत सरकार, यूएनओ एवं म्यांमार के राजदूत को भेजा गया है। जमीयत उलमा ए हिंद के हल्का सदर तैयब हुसैन कासमी ने कहा कि दुनिया में किसी भी समुदाय के खिलाफ एकतरफा जुल्म नहीं होने चाहिए, कोई भी मजहब इसकी इजाजत नहीं देता है। म्यांमार बर्मा में जिस प्रकार मुसलमानों का कत्लेआम किया गया है उसे पूरी दुनिया ने देखा है।
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इस दौरान हजारों की तादाद में पहुंचे युुवाओं ने म्यांमार मुर्दाबाद, बर्मा मुर्दाबाद और इंसानियत जिंदाबाद के नारे लगाए और भारत सरकार से बर्मा में शांति बहाल करने की अपील की। इस दौरान मौलाना ताहिर, हाजी हिम्मत खां, मौलाना अब्बास, पूर्व पार्षद नसीम अहमद, सद्दीक अहमद गोरवाल, मोहम्मद इलियास इमामनगर समेत भारी संख्या में युवा और बुद्विजीवी वर्ग उपस्थित रहा।
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