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म्यांमार की महिला का केस: डिपोर्ट होने से बचने के लिए कराई थी दुष्कर्म की झूठी FIR, ऐसे सच तक पहुंची पुलिस

Tue, 07 Mar 2023 08:46 AM IST
पूजा त्रिपाठी पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 07 Mar 2023 08:46 AM IST
सार

विदेशी महिला का दिनदहाड़े अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया। मामला दर्जकर एसीपी, सरिता विहार जगदेव सिंह की देखरेख में कालिंदी कुंज थानाध्यक्ष पंकज, एसआई मनमोहन, हवलदार हरेंद्र व करण की टीम ने जांच शुरू की तो उसके झूठ से पर्दा उठ गया।

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Myanmar woman files false physical assault fir to save from deporting know how police find truth
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली के कालिंदी कुंज थाने में सामूहिक दुष्कर्म, बंधक बनाने व अपहरण करने आदि धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने वाली म्यांमार की महिला के झूठ से पर्दा उठ गया है। महिला ने अपने देश म्यांमार डिपोर्ट होने से बचने के लिए एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला कई लाखों रुपये भी पाना चाहती थी।

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कालिंदी कुंज थाना पुलिस ने सात दिन की कड़ी मशक्कत व 150 से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मामला सुलझा लिया। अब महिला के कोर्ट में फिर से बयान दर्ज कराएगी।उत्तम नगर में किराये पर पति व 16 महीने की बेटी के साथ रहने वाली म्यांमार की महिला ने कालिंदी कुंज थाने में 26 फरवरी को शिकायत दी थी कि पेट में दर्द होने पर वह इलाज के लिए 22 फरवरी को कालिंदी कुंज इलाके में आई थी।
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मेट्रो स्टेशन के पास ऑटो चालक ने उसका अपहरण कर लिया और एक कमरे में ले जाकर चार लोगों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपियों ने उसे 23 फरवरी की रात सुनसान जगह पर फेंक दिया। यहां पर दो सरदार युवक मिले, जो उसे अपने घर ले गए और उसे खाना खिलाया।
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विदेशी महिला का दिनदहाड़े अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया। मामला दर्जकर एसीपी, सरिता विहार जगदेव सिंह की देखरेख में कालिंदी कुंज थानाध्यक्ष पंकज, एसआई मनमोहन, हवलदार हरेंद्र व करण की टीम ने जांच शुरू की तो उसके झूठ से पर्दा उठ गया।

डिपोर्ट होने का सता रहा था भय

एसआई मनमोहन की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। जांच में पता लगा कि महिला 17 फरवरी को मादनपुर खादर इलाके स्थित रेहिंग्या कैंप में आ गई। यहां ये और 22 फरवरी तक दो रिश्तेदार कबीर व नूरइस्लाम के साथ रही। महिला रजिस्टर्ड रिफ्यूजी हैं। वह पहले डिटेंशन सेंटर में रहती थी।

यूएनएचसीआर से अनुरोध पर वह उत्तम नगर में किराए पर रहने लगी। शर्त ये थी कि वह दिल्ली में किसी के घर एक दिन से ज्यादा नहीं रुक सकती। रुकने पर उसे म्यांमार डिपोर्ट कर दिया जाएगा। महिला रेहिंग्या कैंप में पांच-छह दिन रुकी थी। ऐसे में उसे भारत से म्यांमार डिपोर्ट होने का डर सताने लगा।

पति को नहीं दी थी कालिंदी कुंज जाने की जानकारी
एसीपी जगदेव सिंह की टीम को पता लगा कि महिला को उसका पति बहुत मारता-पीटता था। वह पति को बिना बताए कालिंदी कुंज इलाके में चली गई थी। ऐसे में पति से बचने के लिए उसने सामूहिक दुष्कर्म की झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी।

पैसे भी हड़पना चाहती थी
महिला ने पूछताछ में बताया कि दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने पर उसे डीएलए से करीब 10 लाख रुपये मिलते। विदेशी पीडि़त महिला को दुष्कर्म का शिकार होने पर 10 का मुआवजा मिलने का प्रावधान है। इसके अलावा यूएनएचसीआर की ओर से भी पीडि़ता को पैसा देने का प्रावधान है। महिला यह पैसा भी हड़पना चाहती थी।

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