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Delhi NCR News: रोटी कमाने निकला मुस्ताक, एक धमाके ने उजाड़ दिया छह बेटियों का संसार
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- रोटी की तलाश में निकला मुस्ताक लौटकर नहीं आया, एक धमाके ने छह बेटियों से छीन लिया पिता का साया
सद्दाम हुसैन
पिनगवां। घर का चूल्हा जलाने और बेटियों के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने निकले 44 वर्षीय मुस्ताक को शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। गांव मामलिका निवासी मुस्ताक पुत्र फज़रू रोज की तरह बाइक पर हाइड्रोजन गैस का सिलेंडर लगाकर गांव-गांव घूमते और गुब्बारे बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। लेकिन गुरुवार को जमालगढ़ गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। गुब्बारे में गैस भरते समय अचानक सिलेंडर की टंकी तेज धमाके के साथ फट गई। विस्फोट इतना भीषण था कि टंकी करीब 300 मीटर दूर जाकर गिरी। हादसे में मुस्ताक की मौत हो गई। उनके निधन के साथ ही छह मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार में कोई बेटा नहीं है और आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर है। अब इन बेटियों के भविष्य और उनके पालन-पोषण की चिंता पूरे गांव को सता रही है। रविवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा।
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सद्दाम हुसैन
पिनगवां। घर का चूल्हा जलाने और बेटियों के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने निकले 44 वर्षीय मुस्ताक को शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। गांव मामलिका निवासी मुस्ताक पुत्र फज़रू रोज की तरह बाइक पर हाइड्रोजन गैस का सिलेंडर लगाकर गांव-गांव घूमते और गुब्बारे बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। लेकिन गुरुवार को जमालगढ़ गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। गुब्बारे में गैस भरते समय अचानक सिलेंडर की टंकी तेज धमाके के साथ फट गई। विस्फोट इतना भीषण था कि टंकी करीब 300 मीटर दूर जाकर गिरी। हादसे में मुस्ताक की मौत हो गई। उनके निधन के साथ ही छह मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार में कोई बेटा नहीं है और आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर है। अब इन बेटियों के भविष्य और उनके पालन-पोषण की चिंता पूरे गांव को सता रही है। रविवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा।