जब मौलाना साहब बोले, आदाब आपका स्वागत है शिवभक्त
देशभर में जहां सांप्रदायिकता को लेकर बड़ी-बड़ी बहस छिड़ी हुई हैं। वहीं गुरुद्रोण की नगरी गुरुग्राम में गंगा जमुनी तहजीब की भी अद्भुत मिसाल देखने को मिली। सिर पर टोपी और हाथ में तस्बीह लिए मस्जिदों के इमाम और मुस्लिम समुदाय के लोग हाईवे किनारे शिविर लगाकर कांवड़ियों को आदाब व उनका ऐहतराम (अदब) के साथ स्वागत करते दिखे।
राजीव चौक के पास स्थित ईदगाह मस्जिद के साथ मुस्लिम समाज द्वारा लगाए गए इस शिविर में मुस्लिम समुदाय के लोग निस्वार्थ भाव से कांवड़ियों की सेवा करते नजर आ रहे हैं। शिविर में कांवड़ियों के लिए जरूरी सभी व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रीय सद्भावना अमन कमेटी के मुख्य संस्थापक हाजी अलीन खान की अध्यक्षता में यह शिविर आयोजित किया गया है। जिसमें समुदाय के अन्य लोग भी कांवड़ियों का स्वागत कर रहे हैं। कांवड़ियों का स्वागत कर गंगा जमुनी तहजीब, एकता और भाईचारे की भी अद्भुत मिसाल पूरे देश में पेश की जा रही है।
बोल बम-बोल बम के जयकारों के बीच मुस्लिम समुदाय के लोग गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों को खाद्य सामग्री वितरित करने में लगे हैं। कांवड़ियों ने भी मुस्लिस समाज की इस पहल को अभूतपूर्व बताया। कावंड़ियों की मानें तो एक ओर जहां हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच खाई बनाई जाती है ऐसे में मुस्लिम समाज की यह पहल काबिल-ए-तारीफ है।
हाजी अलीन खान ने कहा कि जिस तरह शहर में नमाज पढ़ने को लेकर और जबरदस्ती दाढ़ी कटवाने की घटनाओं से माहौल खराब किया जा रहा है, उस खटास को दूर करने व आपसी भाईचारा बरकरार रखने के लिए यह शिविर आयोजित किया गया था।
वहीं शिविर में मौजूद असन अली की मानें तो वह खुद भी 2005 में हरिद्वार से कांवड़ ला चुके हैं। शीतला कॉलोनी स्थित मस्जिद के इमाम मोहम्मद मुस्तकीन, ईदगाह मस्जिद के इमाम फारुख सहित शाह मोहम्मद, आसिफ अली, इमराम खान जिसान खान, मोहम्मद अहसान सहित अन्य लोग भी कांवड़ शिविर में शामिल रहे।