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जब एक छत के नीचे जुटे संगीत के दिग्गज
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 09 Dec 2014 04:03 PM IST
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दिल्ली की कमानी ऑडिटोरियम में सोमवार की शाम नृत्य और संगीत के प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। संगीत के प्रचार प्रसार के लिए काम करनेवाली संस्था म्यूजिकल हेरिटेज की ओर से आयोजित संगीत संध्या में कथक गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी और शास्त्रीय गायिका पद्मश्री शुभा मुद्गल की भावविभोर कर देनेवाली प्रस्तुतियां हुईं।
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संगीत के हीलिंग टच को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम में म्यूजिकल हेरिटेज की ओर वृद्धाश्रमों में जिंदगी गुजार रहे बुजुर्गों को विशेष न्योता दिया गया था। ओल्ड एज होम्स के लिए काम करनेवाली संस्था हेल्पेज इंडिया से आए इन वरिष्ठ नागरिकों ने नृत्य और संगीत का भरपूर आनंद उठाया।
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जयपुर घराने के कथक गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी ने शिव स्तुति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। तबले के बोलों पर राजेंद्र गंगानी केथिरकते कदमों और भंगिमाओं ने दर्शकों को आनंदित कर दिया। भाव और मुद्राओं के साथ पंडित राजेंद्र गंगानी ने थाट, आमद, परन और गत पेश किए और तिहाइयों के मोहक रंग दिखाए।
तबले की द्रुत लय के साथ नृत्य की जुगलबंदी पर दर्शकों ने कई-कई बार खड़े होकर तालियां बजाईं। पंडित राजेंद्र गंगानी के साथ तबले पर पंडित फतेह सिंह गंगानी, पखावज और पढंत पर योगेश गंगानी, सारंगी पर उस्ताद आरिफ अली खान और हारमोनियम और गायन पर विजय परिहार ने संगत दी।
पंडित राजेंद्र गंगानी ऊर्जा से भरी प्रस्तुति के बाद प्रख्यात शास्त्रीय गायिका पद्मश्री शुभा मुद्गल ने अपने सुरों के रंग बिखेरे। शुभा मुद्गल शुरुआत की बेहद मधुर राग जोगकौंस की विलंबित रचना से। शुभा मुद्गल के सधे हुए सुर और दमदार गायकी ने सुननेवालों को पूरी तरह संगीत के जादू में बांध लिया। जोगकौंस में दो रचनाएं प्रस्तुत करने के बाद शुभा मुद्गल ने राग मांझ खमाज में ठुमरी और फिर एक भजन पेश किया।
शुभा मुद्गल के सुरों का असर ऐसा था कि दर्शक आनंद में झूमते दिखाई दिए। शुभा मुद्गल भजन गाकर उठने को हुईं तो ऑडिटोरियम से ‘वन्स मोर वन्स मोर’ की आवाजें आने लगीं। दर्शकों के अनुरोध पर शुभा मुद्गल ने भैरवी में दादरा गाकर अपनी प्रस्तुति का समापन किया। शुभा मुद्गल के साथ तबले पर संगत कर रहे थे अनीश प्रधान और हारमोनियम पर रहे सुधीर नायक।
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संगीत और नृत्य जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने इस सांगीतिक संध्या में शिरकत की। इस मौके पर अजराड़ा घराने के तबला नवाज़ उस्ताद हशमत अली खान, मशहूर गजल गायिका रीता गांगुली, सारंगी वादक स्वर्गीय उस्ताद आशिक़ अली खां की पत्नी नफीस जहां और महान संतूर वादक भजन सोपोरी के बेटे संतूर वादक पंडित अभय सोपोरी को म्यूजिकल हेरिटेज की ओर से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम के बारे में आयोजक शिवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हमने इस कार्यक्रम के जरिए संगीत को सरोकार से जोड़ा है। ये यकीनन हमारी पहली ही कोशिश और छोटी कोशिश है लेकिन आने वाले वक्त में हम इसे और बड़े पैमाने पर करना चाहेंगे। जिससे संगीत लोगों की उदास जिंदगी में मुस्कान लाने का काम कर सके।