वैद्य की पर्ची ने उठाया घिनौनी हरकत से पर्दा
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दिल्ली के बिजवासन गांव में रहने वाले युवक की उसके ममेरे भाई ने बुधवार की रात को धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी। शव को मानेसर के पास खेत में फेंक दिया। शव की पहचान कर ली गई है। कापसहेड़ा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मूलरूप से गंगाटन डिगल झज्जर का रहने वाला भूपेंद्र (32) पुत्र रोहताश अपनी बुआ के गांव बिजवासन में रहता था। वहां पर वह डेयरी चलाने के साथ-साथ स्माल इंडस्ट्री लगाकर गारमेंट से संबंधित काम करता था। उसने अपने ममेरे भाई राकेश नले से कुछ रुपये लेकर कारोबार में लगा रखा था।
इसको लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी के चलते बुधवार की रात राकेश नले ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। शव कार में रखकर गुड़गांव के मानेसर ले आया। यहां गांव पाड़ा में सरसों के खेत में फेंक दिया।
मानेसर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पहचान के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों के आने के बाद पूरे मामले की जांच दिल्ली के कापसहेड़ा थाना पुलिस ने शुरू कर दी है।
वैद्य की पर्ची ने खोले हत्या के राज
कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर हो वारदात के दौरान कोई न कोई चूक उसे सलाखों के पीछे पहुंचा देती है। डेयरी संचालक की हत्या के मामले में ऐसा ही कुछ हुआ। शव को ठिकाने लगाने के लिए कार में बिछाई गई घास (तूड़ी) में निकली झज्जर के वैद्य की पर्ची से वारदात का खुलासा हुआ।
मानेसर थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह खेत में घास और गद्दे के बीच मिली युवक की लाश को देखकर ही अंदाजा लगा लिया था कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया है।
उसी घास के बीच में पुलिस के हाथ एक पर्ची लगी। उस पर अंकित पते के आधार पर मानेसर पुलिस गांव खेड़ी खातीवास झज्जर पहुंची। जहां पर पुलिस को जानकारी मिली कि डिगल से एक युवक उपचार के लिए उनके पास आता था।
पुलिस वहां से पता लेकर भूपेंद्र के घर गंगटान डिगल पहुंची। परिवार वालों की ओर से शव की पहचान की गई। छानबीन के बाद पता चला कि वह बुधवार से परिवार वालों के संपर्क में नहीं था।