'सिंक मिस्टर सीएम! खाल बचाने के लिए उसकी नौकरी खा गए'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कर्मी और महिला के बीच घटना के दौरान आडियो के आने के बाद अब सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गयी है। घटना की पूरी जांच से पहले ही दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तो यूजर्स सवाल उठा ही रहे हैं, साथ ही अरविंद केजरीवाल के महिला के पक्ष में सच्चाई जाने बिना बयान देने पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है।
यूजर्स का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच किए बगैर दिल्ली पुलिस से लेकर सरकार ने अपना एक तरफा फैसला दे दिया, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि क्या अब लोगों को लाल बत्ती तोड़ने का अधिकार मिल गया है?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक पेज और सामान्य फेसबुक पेज पर ईंट वाला कांस्टेबल घटना पर जमकर बवाल हो रहा है। पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर मीडिया पर भी जमकर प्रहार हो रहा है।
महिला को पत्थर मारने का अधिकार किसने दिया?
यूजर्स का आरोप है कि बिना जांच किए किसी को पूरी तरह दोषी करार देना कहां की बुद्धिमानी है? क्योंकि सिर्फ फुटेज के आधार पर ट्रैफिक कर्मी को ही दोषी मान लिया गया। जबकि महिला ने भी बदतमीजी की थी, जिसे किसी ने नहीं उठाया। यदि आडियो सामने नहीं आता तो पता ही नहीं लगता कि महिला भी दोषी थी।
ट्रैफिक पुलिस के पेज पर यूजर्स ने मानी गलती
एक यूजर्स लिखते हैं कि यहीं बुरा से भी बुरा कर सकते थे आप? जांच हुई नहीं, उससे पहले ही उसकी नौकरी खा गए? वो कोई एक दिन पहले रिकरुट हुआ जवान नहीं था, घटना की सच्चाई जाने बिना- अपनी खाल बचाने के लिए उसकी नौकरी खा गए। क्या जानने की कोशिश की किन कारणों से मजबूर होकर उसने ऐसा कदम उठाया होगा?
अब हर कोई रेडलाइट जंप पर उठाएगा ईंट - सिंक मिस्टर सीएम
दीपिका भारद्वाज ने टिवट कर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। उसने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल जी, कल से हर कोई रेडलाइट जंप करना चाहेगा और रोकने पर ईंट उठाएगा? क्या आप पुलिस पर ईंट उठाने की इजाजत देंगे? सिंक मिस्टर सीएम।