बंद रेलवे फाटक पार कर रही मां-बेटी की मौत: महिला के गोद में थी मासूम, मालगाड़ी की चपेट में आने से हुआ हादसा
बंद रेलवे फाटक को आमतौर लोग गंभीरता से नहीं लेते। पैदल यात्रियों के अलावा साइकिल, बाइक और स्कूटी सवार नियम को दरकिनार कर अक्सर बंद रेलवे फाटक पार करने लगते हैं।
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चिपियाना में रेलवे के बंद फाटक को पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आने से मां और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के कुछ देर बाद ही महिला ने दम तोड़ दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
वेव सिटी गाजियाबाद निवासी सोनी (35) पति कुंदन सिंह और बेटी राजलक्ष्मी (3) के साथ रहती थी। सोनी का भाई चिपियाना में रहता है। बृहस्पतिवार सुबह भाई से मिलने के लिए सोनी बेटी के साथ ऑटो से आई थी। सुबह लगभग साढ़े दस बजे चिपियाना रेलवे फाटक बंद था। बेटी राजलक्ष्मी को गोद में लेकर सोनी बैरियर के नीचे से रेलवे लाइन पार करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बेटी को संभालने में जुटी महिला मालगाड़ी को नहीं देख पाई।
वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाकर महिला को ट्रेन आने के बारे में चेताया, जिस पर उसने ध्यान नहीं दिया। गोद में बच्ची को संभालते के दौरान वह मालगाड़ी की चपेट में आ गई। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस व रेलवे विभाग को दी। घटना के कुछ देर बाद ही घायल महिला ने दम तोड़ दिया। जबकि घायल बच्ची को उपचार के लिए गाजियाबाद स्थित अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
बंद रेलवे फाटक के नियम मानने को तैयार नहीं लोग
बंद रेलवे फाटक को आमतौर लोग गंभीरता से नहीं लेते। पैदल यात्रियों के अलावा साइकिल, बाइक और स्कूटी सवार नियम को दरकिनार कर अक्सर बंद रेलवे फाटक पार करने लगते हैं। ऐसे में अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। फाटक पर एक से अधिक ट्रेनों के आने पर लोगों को काफी देर तक खड़े रहना पड़ता है। लोग जल्दबाजी में जान हथेली पर रखकर रेलवे लाइन पार करते हैं।
रेलवे लाइन पार करते समय महिला और बच्ची मालगाड़ी की चपेट में आ गई थी। हादसे में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर इस तरह की घटना रोकने के लिए कदम उठाने के लिए लिखा गया है। - विशाल पांडेय, एडीसीपी सेंट्रल जोन।