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प्रदूषण नियंत्रण के लिए 2000 से ज्यादा टीमें कर रही काम : सिरसा
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बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक में 50 अंकों की कमी आई
नई दिल्ली। राजधानी की हवा में बृहस्पतिवार को सुधार हुआ। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक में करीब 50 अंकों की कमी आई है। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बृहस्पतिवार को बताया कि दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए लगभग 2000 टीमें दिन-रात मेहनत कर रही हैं। ऐसे में राजधानी की हवा में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
सिरसा ने जानकारी दी कि दिल्ली में 376 एंटी-स्मॉग गन, 266 वाटर स्प्रिंकलर और 91 मैकेनाइज्ड स्वीपर चलाए जा रहे हैं, जो जीपीएस ट्रैकिंग से जुड़े हैं। ये उपकरण शहर की सड़कों और प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की सफाई और नियंत्रण में मदद कर रहे हैं। सरकार ने प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर विशेष ध्यान दिया है। करीब 443 टीमें कूड़ा जलाने पर, 578 टीमें वाहनों से निकलने वाले धुएं पर, और 378 टीमें धूल नियंत्रण पर काम कर रही हैं। इसके अलावा 505 मोबाइल प्रॉसिक्यूशन टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही, आईआईटी कानपुर और मौसम विभाग के सहयोग से जल्द ही क्लाउड सीडिंग भी की जाएगी। सिरसा ने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर भी प्रदूषण कम करने का काम किया जा रहा है। संवाद
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नई दिल्ली। राजधानी की हवा में बृहस्पतिवार को सुधार हुआ। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक में करीब 50 अंकों की कमी आई है। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बृहस्पतिवार को बताया कि दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए लगभग 2000 टीमें दिन-रात मेहनत कर रही हैं। ऐसे में राजधानी की हवा में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
सिरसा ने जानकारी दी कि दिल्ली में 376 एंटी-स्मॉग गन, 266 वाटर स्प्रिंकलर और 91 मैकेनाइज्ड स्वीपर चलाए जा रहे हैं, जो जीपीएस ट्रैकिंग से जुड़े हैं। ये उपकरण शहर की सड़कों और प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की सफाई और नियंत्रण में मदद कर रहे हैं। सरकार ने प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर विशेष ध्यान दिया है। करीब 443 टीमें कूड़ा जलाने पर, 578 टीमें वाहनों से निकलने वाले धुएं पर, और 378 टीमें धूल नियंत्रण पर काम कर रही हैं। इसके अलावा 505 मोबाइल प्रॉसिक्यूशन टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही, आईआईटी कानपुर और मौसम विभाग के सहयोग से जल्द ही क्लाउड सीडिंग भी की जाएगी। सिरसा ने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर भी प्रदूषण कम करने का काम किया जा रहा है। संवाद
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