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Digital Governance: दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र पूरी तरह होगा डिजिटल, कागज रहित व्यवस्था लागू
Wed, 30 Jul 2025 07:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 30 Jul 2025 07:06 AM IST
सार
विधानसभा सदस्यों के सभी प्रश्न, प्रस्ताव और नोटिस नेवा पोर्टल के जरिये स्वीकारे जाएंगे। विशेष उल्लेख के लिए सदस्यों को एक दिन पहले शाम 5 बजे तक पोर्टल पर नोटिस जमा करना होगा। सत्र 4 से 8 अगस्त तक चलेगा, जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
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दिल्ली विधानसभा में सीएम रेखा गुप्ता, file
- फोटो : दिल्ली विधानसभा
विस्तार
दिल्ली की आठवीं विधानसभा का मानसून सत्र पूरी तरह कागज रहित होगा। विधानसभा सदस्यों के सभी प्रश्न, प्रस्ताव और नोटिस नेवा पोर्टल के जरिये स्वीकारे जाएंगे। विशेष उल्लेख के लिए सदस्यों को एक दिन पहले शाम 5 बजे तक पोर्टल पर नोटिस जमा करना होगा। सत्र 4 से 8 अगस्त तक चलेगा, जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदस्यों से इसमें शामिल होने और नियमों के पालन की अपील की है।
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दिल्ली की आठवीं विधानसभा का तीसरा सत्र (मानसून सत्र) 4 से 8 अगस्त तक चलेगा। यह सत्र पूरी तरह राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (नेवा) के जरिए आयोजित किया जाएगा। विधानसभा भवन पुराना सचिवालय में दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाली बैठकों की अवधि जरूरत पड़ने पर बढ़ाई भी जा सकती है।
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विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने साफ किया है कि सभी प्रश्न, प्रस्ताव और नोटिस अब केवल नेवा पोर्टल पर ही स्वीकार होंगे। विशेष उल्लेख के लिए सदस्यों को एक दिन पहले शाम 5 बजे तक नोटिस जमा करना होगा। इनमें से 10 विषयों का चयन लॉटरी के जरिए अगले दिन सुबह 11 बजे सचिव कक्ष में होगा।
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यह कदम ऐतिहासिक है: विजेंद्र गुप्ता
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, यह कदम ऐतिहासिक है, कागज रहित सत्र दिल्ली में डिजिटल सुशासन की दिशा में बड़ा कदम है। सभी सदस्य सक्रिय भाग लें और नियमों का पालन कर सदन की कार्यवाही को आसान व प्रभावी बनाएं। यह कदम न केवल विधानसभा की कार्यवाही को आधुनिक बनाएगा, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता को भी बढ़ाएगा। दिल्लीवासियों को उम्मीद है कि यह डिजिटल पहल विधायी प्रक्रिया को और प्रभावी बनाएगी।
विषय 8-10 पंक्तियों में स्पष्ट होने जरूरी
सदस्यों को सलाह दी गई है कि उनके विषय 8-10 पंक्तियों में संक्षिप्त, स्पष्ट और एक विभाग से जुड़े हों। सदन में बोलते समय सिर्फ प्रस्तुत विषय पर ही ध्यान देना होगा। डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नेवा सेवा केंद्र में एक सहायता कक्ष भी बनाया गया है, ये सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक तकनीकी मदद देगा।