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UP: गाजियाबाद के इस गांव में बंदरों के आतंक से जूझ रहे लोग, बच्चे को काटा; ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
Mon, 06 Nov 2023 04:04 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Mon, 06 Nov 2023 04:04 PM IST
सार
गाजियबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में बंदरों की वजह से बच्चों में खौफ है। ग्रामीण बंदरों के आतंक से बहुत परेशान हैं। आए दिन किसी ने किसी पर हमला कर बंदर उसे घायल कर देते हैं। ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
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बंदर ने बच्चे को काटा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में बंदरों का आतंक व्याप्त है। यहां बंदरों ने बच्चे समेत महिला व कई व्यक्तियों को काटकर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
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जानकारी के अनुसार, मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव निवासी मासूम मोहम्मद साद (4) पुत्र मोहम्मद जुबैर गांव के स्कूल में नर्सरी का छात्र है। रविवार दोपहर को घर से दुकान पर जा रहा था। बंदरों का एक झुंड एक घर के ऊपर आपस में लड़ रहा था, जिनमें से एक खूंखार बंदर मासूम के ऊपर कूद गया और मासूम को काट लिया। वहां मौजूद लोगों ने जैसे-तैसे बच्चे को बंदर से बचाया और घायल बच्चे को उसके घर पहुंचाया। परिजनों ने घायल बच्चे को इलाज के लिये निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से मासूम को एमएमजी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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घायल बच्चे के चाचा आबिद अली ने बताया कि एमएमजी अस्पताल की आपातकालीन सेवा में डॉक्टर ने एक इंजेक्शन 22 हजार रुपये का बताया, जो बाहर से आयेगा। इतना महंगा इंजेक्शन वह नहीं खरीद सके, इसलिए डॉक्टरों ने बच्चे को जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां बच्चे का इलाज चल रहा है। वहीं, पन्द्रह दिन पहले मोहल्ला कुरेशियान नाहल निवासी महिला भूरी (50) पत्नी अख्तर कुरैशी अपने घर की छत पर गई थी, जहां बंदरों ने उसे घेर लिया। किसी तरह महिला बंदरों से बचकर भागी और वह छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
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महिला के शरीर में कई जगह चोटें आई तथा पैर में फ्रेक्चर भी हो गया, जिससे चिकित्सक ने महिला के पैर पर प्लास्टर लगा दिया। वहीं, नाहल गांव निवासी सालिम (35) पुत्र हफीज अपने घर से खेत पर जा रहा था, तभी रास्ते में बंदरों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। सालिम बंदरों से बचकर भागा तो वह सड़क पर गिर गया। वह बंदरों के हमले से तो बच गया, लेकिन सड़क पर गिरने से कूल्हे में फ्रैक्चर हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बंदरों की वजह से बच्चों में खौफ है। ग्रामीण बंदरों के आतंक से बहुत परेशान हैं।