धनतेरस पर धनवर्षा, 550 करोड़ की खरीदारी
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दिल्ली में मंगलवार को धनतेरस की खरीदारी केसाथ रोशनी के पर्व दिवाली की सेलीब्रेशन की धूम शुरू हो गई। रंग-बिरंगी लाइटों व फूलों व गुब्बारों से सजे बाजार सुबह से देर रात तक ग्राहकों से गुलजार रहे। लोगों ने धनतेरस के मौके पर मां लक्ष्मी-गणेश की फोटो, सोने-चांदी की मूर्ति से लेकर घर सजावट व गिफ्ट आइटम खरीदे।
उधर, इलेक्ट्रॉनिक, गैजेट्स की मार्केट भी दिवाली के रंग में डूबी नजर आए। मंदिरों के बाहर नए वाहनों की पूजा के लिए लाइन लगी रही। ऑनलाइन शॉपिंग ने भी ग्राहकों को खूब रिझाया।
चांदी के लक्ष्मी-गणेश और गिन्नी पहली पसंद
सोने व चांदी के बाजार में पिछली दिवाली की बजाय दुकानदारों के चेहरों पर रौनक दिखी। एशिया की सबसे बड़ी होल सेल मार्केट सदर बाजार स्थित ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन खंडेलवाल के मुताबिक, सोने के सिक्कों की सेल बंद होने से अब गिन्नी ग्राहकों की पहली पसंद बनी रही। सबसे अधिक आठ ग्राम गिन्नी की मांग रही जो 21 हजार रुपये में बिकी।
जबकि चांदी में लक्ष्मी-गणेश के सिक्कों व करेंसी नोट में दस ग्राम सबसे अधिक बिका, जोकि साढ़े चार सौ रुपये में मिला। जबकि चांदी की मूर्ति 15 सौ से शुरू थी। इसके अलावा हल्के गहने भी सबसे अधिक बिके।
करोल बाग के ज्वेलर्स अशोक के अनुसार, चाइनीज लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की सबसे अधिक डिमांड रही, जोकि महज 3 से 30 हजार रुपये में उपलब्ध रहीं। हालांकि डायमंड में रिंग व किट्टी सेट की सबसे अधिक सेल हुई, जोकि 9 से डेढ़ लाख की रेंज में थे। ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, कुल मिलाकर इस दिवाली व धनतेरस को लेकर दिल्ली में लगभग 40 करोड़ से अधिक सोना तो पांच सौ करोड़ रुपये तक चांदी का व्यापार हुआ।
स्टील आज भी पहली पसंद
अमीर हो या गरीब धनतेरस पर स्टील के बर्तन खरीदना शुभ मानते हैं। इसीलिए बर्तनों की दुकानों पर सबसे अधिक ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। थोक व्यापारियों के अनुसार, दिल्ली में धनतेरस पर ही करीब 40 से 50 करोड़ से अधिक का व्यापार होता था, लेकिन इस बार करीब तीस करोड़ तक सिमट गया है। क्योंकि महंगाई व ट्रेंड बदलने के चलते फर्क पड़ा है।
महंगाई के चलते हल्की (लोकल) व भारी (ब्रांडेड) स्टील के बर्तन काफी पसंद किए गए। इस बार कुल बिक्री में 5 से 10 फीसदी चाइनीज स्टील बर्तनों की भी हिस्सेदारी रही। नॉर्थ इंडिया होल सेलर स्टील मार्केट एसोसिएशन के सुधीर कुमार जैन के मुताबिक, स्टील की बिक्री आज भी पहले की तरह होती है, लेकिन ट्रेंड बदलने के चलते अब लोग एक या दो छोटे आइटम ही खरीदते हैं।
स्ट्रीट बाजार में भी डिस्काउंट
करोल बाग के आकाश के अनुसार, शोरूम की हालत थोड़ी खस्ता है, लेकिन सड़क किनारे ग्राहकों की भीड़ काफी देखने को मिली। व्यापारियों के अनुसार, करीब रोड साइड का व्यापार ही 10 से 15 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है।
पंडितों की बुकिंग रही फुल
मंदिरों के बाहर कार व बाइक वालों की कतारें देखने को मिली। लोग शोरूम से सीधे अपने वाहन मंदिर पूजा के लिए लेकर पहुंचेे। झंडेवालान स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर के पुजारी गणेश दत्त के अनुसार, उन्होंने दिन में 30 से अधिक बाइक तो पांच कार की पूजा करवाई है। उन्होंने काह कि पिछले वर्ष धनतेरस पर अधिक ग्राहक नए वाहन की पूजा करवाने आए थे।