नाबालिग से दरिंदगीः जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है छोटी निर्भया
- एम्स में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता की हालत गंभीर, कल भी नहीं हो सकी सिर की सर्जरी
- डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची वेंटिलेटर पर है और सांस लेने में भी हो रही है परेशानी
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एम्स में भर्ती 12 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को सर्जरी के लिए उसे न्यूरो आईसीयू में स्थानांतरित किया गया था,लेकिन सिर में काफी सूजन होने के चलते अभी तक उसकी सर्जरी नहीं हो सकी है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और वह वेंटिलेटर पर है।
एम्स के न्यूरो विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची अभी भी गम्भीर हालत में है। उसे अभी तक होश नहीं आया है और वह ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही है। इस वजह से उसे वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ रहा है। पीड़िता की हालत देखकर इलाज करने वाले डॉक्टर भी उसे जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि उसे दवा से ठीक करने की कोशिश की जा रही है। दो दिन पहले पीडियाट्रिक सर्जरी और प्रसूति रोग के डॉक्टरों ने मिलकर पीड़िता के पेट के निचले हिस्से की सर्जरी की थी।
बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक, जिस वक्त उसे एम्स में भर्ती किया गया था तब वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर थी, लेकिन बाद में वेंटिलेटर से हटा लिया गया था, लेकिन उसकी हालत स्थिर नहीं हुई। इस वजह से उसे दोबारा वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा है। सीटी स्कैन जांच में पता चला था है कि बच्ची के सिर के अंदर चोट के गंभीर निशान हैं। उसके मस्तिष्क में सूजन आ गई है। इस कारण सिर की सर्जरी नहीं हो पा रही है। सूजन कम होने पर सर्जरी की जाएगी। शुक्रवार को बच्ची की प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गई थीं, जिसमें शनिवार को थोड़ा सुधार आया है।
बता दें कि पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में मंगलवार शाम को घर में अकेली 12 साल की बच्ची को दुष्कर्म के बाद कैंची से गोदने का मामला सामने आया था। उसे अधमरी हालत में छोड़कर अपराधी फरार हो गए थे। गंभीर हालत में उसे संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां बच्ची की हालत बिगड़ती देख उसे एम्स में रेफर कर दिया गया था।
आतिशी ने परिजनों को 10 लाख का चेक सौंपा
आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने एम्स में भर्ती दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की और 10 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पीड़िता के परिजनों से मिले थे और उन्हें सहायता राशि देने का वादा किया था। केजरीवाल ने कहा था कि सरकार बच्ची के परिजनों की आर्थिक सहायता करेगी और उन्हें हर संभव मदद कराएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अस्पताल जाकर बच्ची की हालत का जायजा भी लिया था।
आतिशी ने कहा कि बच्ची अभी भी न्यूरो सर्जरी वार्ड में है और उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। वह उसके जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना करती हैं। आतिशी ने कहा कि उन्होंने बच्ची के परिजनों से बात की और सरकार की ओर से उन्हें हर प्रकार की मदद का आश्वासन दिया है।
आतिशी ने कहा कि उनकी जनता से अपील है कि सभी लोग बच्ची के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करें,ताकि वह ठीक होकर अपने परिवार के पास वापस आ सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के वादे के अनुसार पीड़िता के परिजनों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि यह राशि उनके साथ जो घटना घटित हुई है, किसी भी प्रकार से भरपाई नहीं कर सकती है,लेकिन इलाज और सामान्य जीवन की अन्य जरूरतों को पूरा करने में यह राशि सहायक सिद्ध होगी।
वाड्रा ने कहा, नाबालिग से यौन शोषण की घटना देश के लिए शर्मनाक
नाबालिग से यौन उत्पीड़न की घटना पर चिंता जताते हुए कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने शर्मनाक करार दिया है। वाड्रा ने शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का दौरा कर पीड़ित के माता-पिता से उसका हालचाल पूछा। बच्ची को इलाज के सिलसिले में न्यूरोसर्जरी आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।
वाड्रा ने परिजनों से बातचीत में कहा है कि मैं इस घटना से बहुत परेशान और निराश हूं। इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी में लड़कियां और महिलाएं खुद को और अधिक असुरक्षित महसूस कर रही हैं। यह घटना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए शर्मनाक है। पीड़ित परिवार को मुआवजा देने से अपराध की प्रवृति पर रोक नहीं लगेगी, बल्कि अपराधियों में कानून इतना डर होना जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा अंजाम देने की हिम्मत न कर सकें। बच्ची के माता पिता बेहद चिंतित हैं।
गुनाहगार को छह माह में फांसी दिलाने के लिए काम करेगा आयोग
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि दिल्ली की बेटी अभी भी अस्पताल में जिंदगी के लिए लड़ रही है। उन्होंने देश के लोगों से बेटी की सलामती के लिए प्रार्थना करने की अपील की है और कहा है कि दिल्ली महिला आयोग पीड़ित परिवार के साथ है। आयोग गुनाहगार को छह माह के भीतर फांसी दिलाने के लिए काम करेगा।
स्वाति मालीवाल ने बताया कि आयोग ने इस मामले में बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त को सम्मन किया था। शनिवार को दिल्ली पुलिस के अधिकारी महिला आयोग के दफ्तर पहुंचे और आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में बताया। अधिकारी ने बताया कि सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। लेकिन महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि यह बात डराने वाली है कि आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज है। उसे सजा भी हो चुकी है बावजूद वह जेल के बाहर खुलेआम कैसे घूम रहा है। ऐसे मामले में शामिल ऐसे कई आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं इसपर आयोग काम करेगा।