मोहन भागवत और आजम के विवादित बयानों पर सवाल
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संघ प्रमुख मोहन भागवत, विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया और समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के विवादित बयानों से बुधवार को दिल्ली पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया।
तिलक मार्ग थाना पुलिस ने कहा कि इन नेताओं ने उनके इलाके में भड़काऊ बयान नहीं दिया। याचिका दायर कर इन नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 7 अक्टूबर की तारीख तय की है।
पटियाला हाउस अदालत की महानगर दंडाधिकारी के समक्ष एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) पेश कर पुलिस ने कहा कि इनमें से कोई भी बयान तिलक मार्ग थाने के क्षेत्राधिकार में नहीं दिया गया। इसलिए शिकायत 17 सितंबर को मुंबई पुलिस को भेज दी गई, क्योंकि वह बयान वहीं पर दिए गए थे।
राम मंदिर को लेकर विवादित बयान
अदालत ने तिलक मार्ग थाना एसएचओ को कामरान सिद्दीकी की शिकायत पर एटीआर पेश करने का निर्देश दिया था। सिद्दीकी का आरोप था कि भागवत, तोगड़िया व आजम खान ने अमन शांति खराब करने और विभिन्न समुदायों के बीच मजहबी माहौल खराब करने की मंशा से भड़काऊ भाषण दिए।
याची ने इन नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि भागवन ने 17 अगस्त को मुंबई में अपने भाषण में भारत को हिंदू राष्ट्र कहा था।
उस समय वहां मौजूद तोगड़िया ने जोर देकर कहा कि राम मंदिर अयोध्या में विवादित स्थल पर ही बनाया जाएगा। इन बयानों के जवाब में आजम खान ने इन नेताओं से हिंदू राष्ट्र का नक्शा दिखाने के लिए कहा था।