प्रधानमंत्री मोदी के डिग्री मामले में सीआईसी के आदेश का जल्द जवाब देगा डीयू
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रेजुएशन की डिग्री के संबंध में डीयू केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को जल्द जवाब देगा। इस मामले को डीयू का आरटीआई सेल देख रहा है। सेल ही सारे रिकॉर्ड को देख रहा है। डीयू कुलपति ने सोमवार को साफ कर दिया कि डीयू को बीते सप्ताह सीआईसी का ऑर्डर प्राप्त हो चुका है।
उसके एक-एक शब्द को देखा जाएगा और उसके आधार पर ही जवाब देंगे। आम आदमी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक की डिग्री को लेकर सवाल उठा रही है। डीयू कुलपति प्रो. योगेश त्यागी ने कहा कि सीआईसी का आदेश बीते सप्ताह प्राप्त हुआ था। आरटीआई सेल के लोग काफी सक्षम है और उसका गहनता से अध्ययन कर रहे हैं।
उन्होंने डिग्री से संबंधित दस्तावेजों को सील किए जाने संबंधी आरोप को भी गलत बताया। स्पष्ट किया कि डीयू एक तय की गई व्यवस्था के तहत कार्य करता है।उसी व्यवस्था के अनुसार ही विषयों पर स्थिति को स्पष्ट किया जाता है। बताया जा रहा है कि सीआईसी की ओर से जो जानकारी मांगी गई है, उसके लिए आरटीआई सेल हर पहलु को देख रहा है।
आरटीआई सेल देख रहा मामला
संभवत: इस सप्ताह के अंत तक सीआईसी को जवाब दे दिया जाए। डीयू में डिग्री संबंधी जानकारी लेने के लिए आप नेता लगातार कैंपस पहुंच रहे हैं। बता दें कि पिछले कई दिनों से चल रहे नरेंद्र मोदी के डिग्री विवाद में तब एक बड़ा मोड़ आ गया जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और अरुण जेटली ने खुद प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले में सफाई दी और कहा कि मोदी जी की डिग्री असली है।
भाजपा की इसी सफाई के बाद आम आदमी पार्टी ने जवाबी प्रेस कांफ्रेंस करते हुए अमित शाह और अरुण जेटली के दावे को गलत ठहराते हुए कहा कि पीएम मोदी की डिग्रियां फर्जी हैं।
आप प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि अमित शाह और अरुण जेटली कोई भगवान नहीं हैं कि जो वो कहें वो जनता मान लेगी। उन्होंने अमित शाह और जेटली समेत मोदी को भी देश से माफी मांगने को कहा है।