{"_id":"6a8aeb6108bdf24c87040a52","slug":"demand-to-ban-specific-private-school-uniforms-appeal-to-implement-a-simple-uniform-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-151795-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: निजी स्कूलों की ड्रेस पर रोक लगाने की मांग, सरल यूनिफॉर्म लागू करने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: निजी स्कूलों की ड्रेस पर रोक लगाने की मांग, सरल यूनिफॉर्म लागू करने की अपील
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने निजी स्कूलों में अभिभावकों से यूनिफॉर्म के नाम पर लिए जा रहे अतिरिक्त खर्च पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखकर दिल्ली के लाखों मध्यमवर्गीय अभिभावकों को राहत देने के लिए स्कूल यूनिफॉर्म की व्यवस्था सरल करने का आग्रह किया है।
कपूर ने कहा कि कई निजी स्कूल गर्मी व सर्दी की अलग-अलग ड्रेस, स्पोर्ट्स ड्रेस, समारोहों की ड्रेस व कई प्रकार के जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करते हैं। इन वस्तुओं की बिक्री स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही होती है, जहां मनमानी कीमत वसूली जाती है। दो या अधिक बच्चों वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है।
उन्होंने मांग की कि सभी निजी स्कूलों में केवल एक सरल व एक रंग की यूनिफॉर्म लागू की जाए, तथा ड्रेस व जूते बाजार से खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए। कपूर ने एक अप्रैल 2027 से नए प्रवेश वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूलों पर किताबें, स्टेशनरी, बैग व ड्रेस बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली शिक्षा अधिनियम के तहत सरकार को यूनिफॉर्म के रंग, प्रकार व कीमत तय करने का अधिकार है। निजी स्कूलों की लॉबी मजबूत है, लेकिन अभिभावकों का हित अधिक महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने निजी स्कूलों में अभिभावकों से यूनिफॉर्म के नाम पर लिए जा रहे अतिरिक्त खर्च पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को पत्र लिखकर दिल्ली के लाखों मध्यमवर्गीय अभिभावकों को राहत देने के लिए स्कूल यूनिफॉर्म की व्यवस्था सरल करने का आग्रह किया है।
कपूर ने कहा कि कई निजी स्कूल गर्मी व सर्दी की अलग-अलग ड्रेस, स्पोर्ट्स ड्रेस, समारोहों की ड्रेस व कई प्रकार के जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करते हैं। इन वस्तुओं की बिक्री स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही होती है, जहां मनमानी कीमत वसूली जाती है। दो या अधिक बच्चों वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने मांग की कि सभी निजी स्कूलों में केवल एक सरल व एक रंग की यूनिफॉर्म लागू की जाए, तथा ड्रेस व जूते बाजार से खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए। कपूर ने एक अप्रैल 2027 से नए प्रवेश वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूलों पर किताबें, स्टेशनरी, बैग व ड्रेस बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली शिक्षा अधिनियम के तहत सरकार को यूनिफॉर्म के रंग, प्रकार व कीमत तय करने का अधिकार है। निजी स्कूलों की लॉबी मजबूत है, लेकिन अभिभावकों का हित अधिक महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन