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DU: 'दस्तावेजीकरण की सुव्यवस्थित परंपरा स्थापित होनी जरूरी', दिल्ली यूनिवर्सिटी में मोदी@डीयू पुस्तक का विमोचन
Sat, 20 Jan 2024 07:48 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 20 Jan 2024 07:48 AM IST
सार
कुलपति ने कहा कि इस पुस्तक में डीयू में प्रधानमंत्री के आगमन और 100 वर्षों के इतिहास की कहानी है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय की विकास यात्रा के साथ डीयू में पीएम के आने पर यहां के शिक्षकों की प्रतिक्रिया को रोचक तरीके से सहेजा गया है।
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Delhi University
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि आधुनिक भारत में दस्तावेजीकरण की परंपरा अधिक स्थापित नहीं हुई है। हम चीजों के दस्तावेजीकरण में चूक जाते हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है पहले यह परंपरा सुव्यवस्थित रही हो, लेकिन अब इसे सुव्यवस्थित तरीके से स्थापित करने की जरूरत है।
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कुलपति डीयू के प्रो. केपी सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “मोदी@डीयू” के विमोचन कार्यक्रम को अध्यक्ष पद से संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह का दस्तावेजीकरण है।
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प्रो. सिंह ने बताया कि जब डीयू के शताब्दी वर्ष समारोह के आयोजन पर चर्चा हुई। उस समय निर्णय लिया गया कि पूर्व में डीयू के 25 वर्ष, 50 वर्ष और 75 वर्ष पूरे होने पर हुए कार्यक्रमों से संबंधित दस्तावेजों को देखा जाए। ताकि इनसे सबक लेकर आगामी कार्यक्रमों के आयोजन को सफल बनाया जा सके। लेकिन, उन कार्यक्रमों के मामले में कोई विशेष जानकारी नहीं मिल सकी। इस वजह से निर्णय लिया गया कि शताब्दी वर्ष के आयोजन को लेकर इससे संबंधित सभी कार्यक्रमों और चीजों का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। यह पुस्तक उसी कड़ी में एक बेहतर दस्तावेज है, जो आगामी वर्षों में लाभकारी होगा।
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कुलपति ने कहा कि इस पुस्तक में डीयू में प्रधानमंत्री के आगमन और 100 वर्षों के इतिहास की कहानी है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय की विकास यात्रा के साथ डीयू में पीएम के आने पर यहां के शिक्षकों की प्रतिक्रिया को रोचक तरीके से सहेजा गया है। कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि के तौर पर भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन और राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डीयू के दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. श्री प्रकाश सिंह, डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम व कुलसचिव डॉ. विकास उपस्थित रहे।