{"_id":"5b366d2b4f1c1bf76e8bac15","slug":"mobile-app-to-track-missing-children-launched-by-kailash-satyarthi","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवार से बिछडे़ बच्चों को मिलाएगा यह मोबाइल ऐप, ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ संस्था ने किया लांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवार से बिछडे़ बच्चों को मिलाएगा यह मोबाइल ऐप, ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ संस्था ने किया लांच
ब्यूरो,अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:02 PM IST
विज्ञापन
kailash satyarthi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देशभर में बिछड़े बच्चे अब अपने माता-पिता से मिल सकेंगे। इन बच्चों को तलाशने के लिए ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ संस्था द्वारा री-यूनाइट ऐप लांच किया गया है। संस्था के संस्थापक कैलाश सत्यार्थी ने फ्रांस की कंपनी ‘कैपजैमिनी’ के साथ मिलकर शुक्रवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में ऐप लांच किया।
विज्ञापन
इस मौके पर उपस्थित केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि अगर कोई बच्चा गलत मंसूबे रखने वाले लोगों की साजिश का शिकार होकर अपने माता-पिता से अलग हो जाता है, तो ऐसे बच्चों के भविष्य पर खतरा बना होता है, चूंकि चोरी किए गए बच्चों से अधिकतर मामलों में भीख मंगवाई जाती है या फिर उनसे अपराध करवाए जाते हैं।
विज्ञापन
ऐसे में रि-यूनाइट एप्लिकेशन बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे काफी बच्चों के भविष्य को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि यह ऐप हर कोई शख्स इस्तेमाल कर सकता है। अगर आप किसी बच्चे को लावारिस या भीख मांगता देखें तो ऐप के जरिये उसके चेहरे को रीड करें, उसके बाद ऐप खुद ही सरकार के सिस्टम पर मौजूद बच्चों की गुमशुदगी के डाटा से बच्चे की पहचान को मैच करेगा।
विज्ञापन
इस प्रक्रिया में कुछ ही मिनट लगेंगे, अगर बच्चे का फोटो पुलिस रिकॉर्ड में है और उसका चेहरा रिकॉर्ड से मैच होता है, तो ऐप बच्चे की लोकेशन और पहचान की जानकारी खुद ही पुलिस और संस्था के सिस्टम पर भेज देगा। इसके बाद बच्चे की तलाश करके उसे उसके माता-पिता से आसानी से मिलवाया जा सकेगा।