लंदन में खुली दिल्ली मेट्रो की पोल
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दिल्ली मेट्रो रिश्वतखोरी के आरोपों से घिर गई है। ब्रिटेन के सीरियस फ्रॉड ऑफिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का ठेका हासिल करने के लिए एलस्टोम नेटवर्क यूके लिमिटेड के खिलाफ रिश्वत देने का आरोप लगाया है।
दिल्ली मेट्रो के ठेके हासिल करने के लिए एलस्टोम पर 30 लाख यूरो की रिश्वत खिलाने का आरोप है। रिश्वत देने के मामले में कंपनी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल हो गया है।
वेस्टमिंस्टर की मजिस्ट्रेट अदालत में मुकदमा शुरू हो चुका है। छह अक्टूबर को इसकी सुनवाई साउथवार्क क्राउन कोर्ट में होगी।
डीएमआरसी को दिया था ठेके के लिए घूस
कंपनी पर रिश्वत देने के सिलसिले में जो छह आरोप हैं, उनमें से दो दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से जुड़े हैं। हालांकि भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें दिल्ली मेट्रो को रिश्वत देने के आरोप में ब्रिटेन की किसी कंपनी के खिलाफ मुकदमा चलने की खबर नहीं है।
सीरियस फ्रॉड ऑफिस ने कहा है कि एलस्टोम के कुछ निदेशकों ने 1 अगस्त, 2000 से लेकर 9 अगस्त, 2006 के बीच डीएमआरसी के एक अधिकारी या कर्मचारियों या अन्य एजेंटों को ठेका हासिल करने के लिए रिश्वत देने पर सहमति जताई थी।
रिश्वत की रकम दो किस्तों में दी गई। पहला भुगतान इंडो यूरोपियन वेंचर्स लिमिटेड के नाम किया गया। यह रकम 19 लाख रुपये से ज्यादा थी।
दूसरा भुगतान 3,131,600 यूरो का था। यह भुगतान ग्लोबल किंग टेक्नोलॉजी लिमिटेड के नाम पर किया गया। यह रिश्वत दिल्ली मेट्रो के पहले चरण के तहत ट्रेन कंट्रोल, सिगनलिंग और टेलीकम्यूनिकेशन सिस्टम के लिए दी गई थी।