बस में किशोरी संग दुष्कर्म: मानवाधिकार आयोग सख्त, तीन जिलों की पुलिस को भेजा नोटिस; दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
मानवाधिकार आयोग ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि यदि मीडिया रिपोर्ट्स में छपी बातें सच हैं, तो यह सीधे तौर पर महिलाओं की सुरक्षा और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है।
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ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ बस ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के मामला में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस भयानक घटना का स्वतः संज्ञान लिया है और इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली यह 16 वर्षीय किशोरी नोएडा के सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई से मिलने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में वह अपना स्टॉप भूल गई और ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। परी चौक से उसने सेक्टर-63 जाने के लिए बस स्टाफ से पूछकर एक दूसरी बस ली। इसी बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने किशोरी के अकेलेपन का फायदा उठाया और चलती बस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपियों ने उसे दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर फेंक दिया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
NHRC की सख्त कार्रवाई
मानवाधिकार आयोग ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि यदि मीडिया रिपोर्ट्स में छपी बातें सच हैं, तो यह सीधे तौर पर महिलाओं की सुरक्षा और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। इस घटना में तीन अलग-अलग जिलों के शामिल होने के कारण आयोग ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के पुलिस कमिश्नर और मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी किया है।
दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए, जिसमें पुलिस जांच की वर्तमान स्थिति और पीड़िता को दिए गए मुआवजे या पुनर्वास की पूरी जानकारी शामिल हो।