स्पेशल-26 की तर्ज पर रेड: लेखा परीक्षक को घर लेकर गए ठग, उनसे ही खुलवाया लॉकर...रुपये लेकर जाते समय कही ये बात
बदमाशों ने इस सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि पीड़ित असली और नकली अधिकारी में फर्क नहीं कर पाए। कार से बदमाशों के भागने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उसके बाद पीड़ित ने घटना की शिकायत पुलिस से की।
विस्तार
जहांगीरपुरी इलाके में इनकम टैक्स का अधिकारी बनकर बदमाशों ने एक लेखा परीक्षक को ठग लिया। बदमाशों ने उनके टर्न ओवर जांचने के लिए एटीएम पर पीड़ित के बैंक खाते को खंगाला और फिर घर आकर एक लाख रुपये और मोबाइल लेकर फरार हो गए। बदमाशों ने इस सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि पीड़ित असली और नकली अधिकारी में फर्क नहीं कर पाए। कार से बदमाशों के भागने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उसके बाद पीड़ित ने घटना की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने धोखाधड़ी और ठगी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
विवेक तलवार अपनी पत्नी अंजली के साथ जहांगीरपुरी में किराए के मकान में रहते हैं। मूलत: अमृतसर पंजाब के रहने वाले विवेक पेशे से लेखा परीक्षक हैं और घर से ही काम करते हैं। उनकी पत्नी भी कामकाजी हैं। पुलिस को दी शिकायत में विवेक ने बताया कि 4 अक्तूबर को सोनीपत जाने के लिए वह घर से जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात नंबर से उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह इनकम टैक्स विभाग से बोल रहे हैं। साथ ही कहा कि उसने उनकी लोकेशन को ट्रैक कर लिया है और टर्न ओवर जांच करने की बात कहकर उन्हें जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास बुलाया।
आरोप है कि जूस की दुकान के पास एक शख्स मिला। जिसमें खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया। उसने पूछा कि बैंक खाते में कितने पैसे हैं। फिर वह उन्हें लेकर पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम पर गया। जहां खाते के बैलेंस की जांच की। बैंक खाते में 74 रुपये थे। फिर उसने बैंक खाते की एक रसीद दिखाते हुए कहा कि इस खाते में 50 हजार रुपये दिखा रहा है। उसने कहा कि किसी से 50 हजार बैंक खाते में डलवाओ। फिर अचानक उसने पीड़ित को अपना घर दिखाने के लिए कहा। आरोपी उसे एक स्विफ्ट कार में बिठाया। जिसमें पहले से दो लोग सवार थे।
बैग में पैसे दिखाकर कहा ठग नहीं इनकम टैक्स अधिकारी हैं
पीड़ित ने बताया कि उनकी कार में एक बैग रखा था, जिसमें काफी पैसे थे। इन लोगों ने पैसे दिखाकर कहा कि वह ठग नहीं बल्कि इनकम टैक्स अधिकारी हैं। उसके बाद सभी पीड़ित को लेकर उनके घर पहुंचे। कार में बैठे लोग घर के बाहर ही रहे, जबकि पहले वाला शख्स पीड़ित के साथ उनके घर गया। जहां उसने पीड़ित को विभाग का कार्ड दिखाया। फिर उसने घर में रखे पैसे दिखाने के लिए कहा। लॉकर की चाबी पत्नी के पास होने की वजह से पीड़ित ने फोन कर उन्हें घर बुलाया और फिर उसमें रखे एक लाख रुपये आरोपी को दिखाए।
आरोपी पैसों को बैंक में जमा करवाने की बात कहकर उनसे पैसे और मोबाइल ले गए। घर के बाहर निकलने के बाद उसने पीड़ित को जाने की बात कहकर कार में बैठकर चला गया। उनके जाने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और इन्होंने तुरंत थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपी जिन जगहों पर पीड़ित को लेकर गए इन जगहों से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।