Delhi : बच्चों को छोड़कर गए माता-पिता लौटे तो कार और बच्चे मिले गायब, फिर पुलिस ने दिखाया कमाल
आरोपियों ने बच्चों को मुक्त करने के बदले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रात करीब 11.40 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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पूर्वी दिल्ली के शकरपुर में शुक्रवार रात करीब 10 बजे फरीदाबाद निवासी कारोबारी प्रदीप जिंदल स्टार्ट कार में बच्चों को छोड़कर पत्नी के साथ मिठाई लेने चले गए। कार में दो साल का बेटा और 11 साल की बेटी थी।
इस बीच वहां पहुंचे एक बदमाश ने बच्चों को पिस्टल के बल पर अगवा कर लिया। चंद ही मिनटों में वापस आए दंपती ने जब देखा कि कार और बच्चे वहां नहीं हैं तो उनके होश उड़ गए। पुलिस के अनुसार, कारोबारी की पत्नी का फोन बेटी के पास था। उन्होंने फोन किया तो बेटी ने बताया कि एक अंकल कार चला रहे हैं, इस बीच बदमाश ने फोन छीनकर कहा कि बच्चों की जान की सलामती चाहते हो तो 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लो।
रुपये नहीं मिलने पर बच्चों को मार दिया जाएगा। मामले की सूचना फोन पर पुलिस को दी गई। बच्चों के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। खुद पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता थाने पहुंच गईं। एसएचओ लक्ष्मी नगर और शकरपुर को माता-पिता के साथ अलग-अलग दिशाओं में भेजा गया। स्पेशल स्टाफ समेत करीब 20 टीमें भी बच्चों की खोज में जुट गईं। करीब तीन घंटे बाद बच्चों को घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर समयपुर बादली रेलवे स्टेशन के बाहर से सकुशल बरामद कर लिया गया। आरोपी कार में बच्चों को छोड़कर फरार हो गया था।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप परिवार के साथ सेक्टर-43, ग्रीन फील्ड काॅलोनी, फरीदाबाद में रहते हैं। परिवार में पत्नी भावना के अलावा 11 साल की बेटी व दो साल का बेटा है। बेटी छठी में पढ़ती है। शुक्रवार शाम को प्रदीप को पूर्वी दिल्ली में किसी से मिलने आना था। पत्नी व बच्चे भी उनके साथ आ गए। प्रदीप फोर्ड ईको स्पोर्ट्स कार से पूर्वी दिल्ली पहुंचे। यहां काम निपटाने के बाद बेटी ने मिठाई खाने की जिद की। प्रदीप विकास मार्ग स्थित हीरा स्वीट्स के बाहर पहुंचे। उन्होंने कार को विकास मार्ग पर ही पार्क किया। भावना ने भी पति के साथ शौचालय चलने की बात कही। गर्मी ज्यादा होने से प्रदीप कार को स्टार्ट कर एसी चलाकर छोड़ गए। मिठाई लेकर जब माता-पिता लौटे तो कार गायब थी।
ऑटो में दंपती थाने पहुंचा
पुलिस को सूचना देकर प्रदीप और पत्नी ऑटो में बैठकर थाने आ गए। पीसीआर कॉल के बाद शकरपुर और लक्ष्मी नगर थाना पुलिस सक्रिय हो गई थी। प्रदीप एसएचओ शकरपुर और भावना एसएचओ लक्ष्मी नगर के साथ उनकी गाड़ी में बैठीं। भावना के मोबाइल की लाइव लोकेशन को ट्रेस करना शुरू किया गया। करीब तीन घंटे दिल्ली की सड़कों पर खाक छानने के बाद गाड़ी की लोकेशन समयपुर बादली रेलवे स्टेशन के बाहर की मिली। फौरन आउटर नॉर्थ जिला पुलिस व रेलवे पुलिस से संपर्क किया तो बच्चे कार में सुरक्षित मिल गए। सीसीटीवी और दूसरी जगह आरोपी कैद हुआ है। बच्चों ने पुलिस को बताया कि उसके पास पिस्टल भी थी। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है।
बैक करते समय कार बंद हुई तो डर से भागा बदमाश
पुलिस की चुस्ती या यूं कहे कि बच्चों की किस्मत ने साथ दिया और अपहरणकर्ता बच्चों को ज्यादा दूर ले जाने में कामयाब नहीं हो पाया। समयपुर बादली रेलवे स्टेशन के बाहर बैक करते समय कार बंद हो गई। कार की चाबी पीड़ित प्रदीप जिंदल के पास थी, इसलिए पुश बटन से स्टार्ट होने वाली कार दोबारा नहीं चली।
पकड़े जाने के डर से बदमाश बच्चों को कार समेत छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद चंद मिनटों में लोकेशन ट्रेस कर पुलिस वहां पहुंच गई। प्रदीप, एसएचओ शकरपुर के साथ जब वहां पहुंचे तो 20 से ज्यादा पीसीआर और 150 से अधिक पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे। बच्चों को सुरक्षित पाकर प्रदीप की जान में जान आई। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो कार से बीयर की केन मिली।
पुलिस के अनुसार, बच्चों ने बताया कि लगातार आरोपी सिगरेट पीने के अलावा बीयर पी रहा था। कार में पेट्रोल खत्म होने लगा तो आरोपी एक पंप पर पहुंचा। वहां उसने दो हजार रुपये का तेल डलवाया और भुगतान पेटीएम के जरिये प्रदीप से ही करवाया। प्रदीप ने बताया कि थाने से निकलने के बाद अपहरणकर्ता ने उसे 12-13 बार कॉल की।
वह बस यही कहे जा रहा था कि रुपयों का इंतजाम कर लो, मेरा आदमी जल्द ही पैसे लेने आएगा। वह बच्चों को लेकर मध्यप्रदेश जाएगा। रुपये मिलने के बाद बच्चों को सकुशल छोड़ देगा। रुपये न मिलने पर बच्चों को मार दिया जाएगा। एक टीम लगातार कार की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। आरोपी आधी रात को दिल्ली की सड़कों पर बच्चों के साथ कार दौड़ा रहा था।
वह कभी आजादपुर तो कभी त्रिनगर और तिलक नगर जा रहा था। इस बीच आरोपी समयपुर बादली रेलवे स्टेशन पहुंचा तो कार बंद हो गई। चाबी प्रदीप के पास होने से कार स्टार्ट नहीं हो पाई और उसे भागना पड़ा। प्रदीप ने बताया कि रात करीब 10:22 बजे बच्चों को अगवा किया गया था। रात करीब 1.30 बजे बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया।