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Delhi NCR News: इस बार नहीं डूबा मिंटो ब्रिज, 200 टीमें और 167 पंप हाउस अलर्ट पर
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सरकार का दावा- अतिरिक्त ड्रेन और मजबूत पंपिंग व्यवस्था से मिली राहत, 448 संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हर मानसून में जलभराव की वजह से सुर्खियों में रहने वाला मिंटो ब्रिज अंडरपास इस बार अब तक पानी भरने से बचा हुआ है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का दावा है कि अतिरिक्त ड्रेन के निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किए जाने का असर दिखाई देने लगा है। साथ ही विभाग ने पूरे शहर में जलभराव से निपटने के लिए 200 विशेष टीमें तैनात कर दी हैं, जो चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, मिंटो ब्रिज पर पहले जलभराव की समस्या सबसे बड़ी चुनौती थी। इसे देखते हुए वहां अतिरिक्त ड्रेन का निर्माण कराया गया था। विभाग का कहना है कि इस मानसून में अब तक वहां जलभराव की स्थिति नहीं बनी है और यातायात भी सामान्य बना हुआ है। पूरे शहर में जलभराव से निपटने के लिए प्रत्येक चिन्हित स्थान पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। 200 रखरखाव टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी, नालों के बेल-माउथ की सफाई और पानी की निकासी पर लगातार नजर रखेंगी।
अंडरपास के लिए अलग कार्ययोजना बनाई गई है। यदि किसी अंडरपास में पानी का स्तर छह से आठ इंच तक पहुंचता है तो मोबाइल पंप तत्काल चालू किए जाएंगे। इसके बाद भी यदि जलस्तर बढ़ता है और आठ इंच से अधिक हो जाता है तो नियंत्रण कक्ष यातायात पुलिस को सूचना देकर वहां वाहनों की आवाजाही रोकने का अनुरोध करेगा। साथ ही डीटीसी को बसों का मार्ग बदलने के लिए भी सूचित किया जाएगा। जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस वर्ष स्थायी पंप हाउसों की संख्या 157 से बढ़ाकर 167 कर दी गई है। वहीं पंपों की संख्या 735 से बढ़ाकर 754 कर दी गई है, ताकि भारी बारिश के दौरान तेजी से पानी निकाला जा सके। पीडब्ल्यूडी के अनुसार, वर्ष 2023, 2024 और 2025 के यातायात पुलिस के आंकड़ों के आधार पर 448 जलभराव संभावित स्थानों की पहचान कर उनकी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा पहले से चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मानसून तैयारियों की समीक्षा कर सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दे चुकी हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हर मानसून में जलभराव की वजह से सुर्खियों में रहने वाला मिंटो ब्रिज अंडरपास इस बार अब तक पानी भरने से बचा हुआ है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का दावा है कि अतिरिक्त ड्रेन के निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किए जाने का असर दिखाई देने लगा है। साथ ही विभाग ने पूरे शहर में जलभराव से निपटने के लिए 200 विशेष टीमें तैनात कर दी हैं, जो चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, मिंटो ब्रिज पर पहले जलभराव की समस्या सबसे बड़ी चुनौती थी। इसे देखते हुए वहां अतिरिक्त ड्रेन का निर्माण कराया गया था। विभाग का कहना है कि इस मानसून में अब तक वहां जलभराव की स्थिति नहीं बनी है और यातायात भी सामान्य बना हुआ है। पूरे शहर में जलभराव से निपटने के लिए प्रत्येक चिन्हित स्थान पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। 200 रखरखाव टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी, नालों के बेल-माउथ की सफाई और पानी की निकासी पर लगातार नजर रखेंगी।
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अंडरपास के लिए अलग कार्ययोजना बनाई गई है। यदि किसी अंडरपास में पानी का स्तर छह से आठ इंच तक पहुंचता है तो मोबाइल पंप तत्काल चालू किए जाएंगे। इसके बाद भी यदि जलस्तर बढ़ता है और आठ इंच से अधिक हो जाता है तो नियंत्रण कक्ष यातायात पुलिस को सूचना देकर वहां वाहनों की आवाजाही रोकने का अनुरोध करेगा। साथ ही डीटीसी को बसों का मार्ग बदलने के लिए भी सूचित किया जाएगा। जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस वर्ष स्थायी पंप हाउसों की संख्या 157 से बढ़ाकर 167 कर दी गई है। वहीं पंपों की संख्या 735 से बढ़ाकर 754 कर दी गई है, ताकि भारी बारिश के दौरान तेजी से पानी निकाला जा सके। पीडब्ल्यूडी के अनुसार, वर्ष 2023, 2024 और 2025 के यातायात पुलिस के आंकड़ों के आधार पर 448 जलभराव संभावित स्थानों की पहचान कर उनकी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा पहले से चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मानसून तैयारियों की समीक्षा कर सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दे चुकी हैं।
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