रविवार को रिहा हो जाएगा निर्भया का नाबालिग दोषी
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वसंत विहार गैंग रेप मामले में दोषी नाबालिग की रिहाई पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इंकार कर दिया। इसके साथ ही सुधार गृह से नाबालिग की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उसकी रिहाई रोकने के लिए याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने कहा कि मौजूदा कानूनी प्रावधान के अंतर्गत नाबालिग की रिहाई को नहीं रोका जा सकता। मामले में दोषी नाबालिग अब बीस साल का हो चुका है और बीस दिसंबर को सुधार गृह से उसे छोड़ा जाना है।
उसकी सजा के तीन साल पूरे हो रहे हैं। मौजूदा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के मुताबिक, किसी नाबालिग को तीन साल से ज्यादा सुधार गृह में नहीं रखा जा सकता।
खंडपीठ ने ये दिया निर्देश
मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने स्वामी की याचिका खारिज करते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को नाबालिग के पुनर्वास व समाज में वापसी के लिए उससे, उसके माता-पिता, महिला व बाल विकास विभाग व अन्य संबंधित विभागों से बातचीत करने का निर्देश दिया है।
इस मामले में मुकेश, विनय, पवन व अक्षय को दुष्कर्म व हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले पर हाईकोर्ट ने भी अपनी मुहर लगा दी थी। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
एक आरोपी राम सिंह ने 11 मार्च 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।