नाबालिग बच्ची को काम पर लगाने वाली कंपनी फरार
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साइबर सिटी में नाबालिग को बंधक बनाकर रखने का यह कोई नया मामला नहीं है। पुलिस को छानबीन के दौरान हुए खुलासे से मानव तस्करी की बू आ रही है।
डीएलएफ फेस तीन की प्लेसमेंट कंपनी द थ्री हंस ने 25 हजार रुपये लेकर मासूम को काम पर रखा था। साथ ही प्लेसमेंट संचालकों ने दंपति को कहा कि उसे हर माह तीन हजार रुपये देने होंगे।
आईटी इंजीनियर की मानें तो उससे पैसा लेने के लिए कोई नहीं आया। पुलिस ने उसके दिए पते की छानबीन की तो पता चली कि वह कंपनी कब की फरार हो चुकी है।
देशभर से की जा रही बच्चों की तस्करी
पुलिस को यह भी पता चला है कि प्लेसमेंट कंपनी की ओर से काफी संख्या में नौकरानी की आपूर्ति की गई है।
ज्यादा से ज्यादा बच्चे हैं। उसके भागने का कारण किसी को नहीं पता है। जब सब कुछ ठीक था तो कंपनी भागी क्यों यह सवाल बना हुआ है।
शक्ति वाहिनी के जगदीप सिंह कहते हैं कि झारखंड, उड़ीसा, बंगाल, बिहार व अन्य क्षेत्र से नाबालिग बच्चे लाकर मानव तस्करी की जा रही है। दिल्ली एनसीआर ही नहीं बल्कि हरियाणा के अन्य शहरों में भी इनको बेचा जा रहा है।