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Delhi: टेक्नोलॉजी को जानने वालों के हाथ में भारत का भविष्य, विदेश मंत्री ने विकास एवं शिक्षा नीति पर चर्चा की

Tue, 04 Jul 2023 09:38 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 04 Jul 2023 09:38 AM IST
सार

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बकौली गांव स्थित एनआईटी के छात्रों से जनसंवाद कार्यक्रम में विदेश मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों से अवगत किया। देश के विकास एवं शिक्षा नीति पर चर्चा की। कहा कि भारत का भविष्य उन्हीं लोगों के हाथ में है, जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जानते हैं और दुनिया की समझ रखते हैं। 

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Minister Jaishankar discussed country development and education policy in interactive program with NIT student
एस जयशंकर - फोटो : ANI

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आज की दुनिया तकनीक की दुनिया है। आप चाहें या ना चाहें दुनिया आपके पास खुद आएगी और यह अवसर भी हो सकता है व चुनौती भी। दुनिया में हो रही घटनाओं का असर हमारे ऊपर भी पड़ता है और इसका बेहतर उदाहरण कोरोना महामारी और यूक्रेन युद्ध है। इन दोनों का असर हमारे जीवन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पड़ा। 
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महामारी ने जीवन की गति को रोका, तो यूक्रेन युद्ध पेट्रोल एवं अनाज के दाम बढ़ने का एक कारण बना। वह समय गया जब हम सोचते थे कि ये नेशनल बाउंड्री है और इससे बाहर दूसरी दुनिया है पर आज आउटसाइड-इनसाइड दीवार को ग्लोबलाइजेशन ने तोड़ दिया है। यह बात एनआईटी के छात्रों के साथ जनसंवाद कार्यक्रम में विदेश मंत्री ने कही।
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उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बकौली गांव स्थित एनआईटी के छात्रों से जनसंवाद कार्यक्रम में विदेश मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों से अवगत किया। देश के विकास एवं शिक्षा नीति पर चर्चा की। कहा कि भारत का भविष्य उन्हीं लोगों के हाथ में है, जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जानते हैं और दुनिया की समझ रखते हैं। इसी से अपनी पहचान बना सकते हैं। 
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पहले भी कई प्रधानमंत्री यूएस जाते थे और हम सब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएस विजिट को भी देखा। प्रधानमंत्री अनुभवी और कुशल नेतृत्व के धनी व्यक्तित्व हैं। यह बात भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया ने भी मानी है। भारत ने पेरिस में सोलर एनर्जी आइडिया दिया, डिजास्टर की तैयारी, योग दिवस ग्लोबल फिनॉमिना बन गया है। मिलेट फूड ग्लोबल मूवमेंट बन गया है। 
 

प्रधानमंत्री जब अपने कद व आइडिया के साथ बाहरी देशों में जाते हैं तो 140 करोड़ भारतीयों की ताकत को वे प्रकट करते हैं। 45 साल से मैं विदेश मामले देख रहा हूं, लेकिन आज के ग्लोबल इम्पेक्ट से बेहतर उदाहरण कुछ नहीं हो सकता। भारत की ग्लोबल स्टेज पर पहचान बन चुकी है। 

ये डेटा की दुनिया है जिसमें ये सेमी कंडक्टर की उपयोगिता है। प्रधानमंत्री ने सेमी कंडक्टर के लिए मुहिम चलाई और उसी का परिणाम है कि माइक्रोन ने टेस्टिंग सुविधा यहां बनाने की बात कही, लेम रिसर्च 60 लाख लोगों की ट्रेनिंग लेगा। सुंदर पिचाई ने भी कुछ ऐसा विचार रखा था।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी गए
इसके बाद विदेश मंत्री भाजपा सांसद हंसराज हंस व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ नरेला में 270 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी गए और वहां ओपीडी में उपस्थित लाभार्थियों से चर्चा की। संपर्क से समर्थन कार्यक्रम के तहत वे कश्मीर में शहीद हुए टीकालाल टपलू के परिजनों से मिलने उनके रोहिणी स्थित आवास पर गए। 

 

भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि टपलू ही नहीं, दिल्ली में बसे सभी कश्मीरी पंडित परिवारों के दुख-सुख में भाजपा भागीदार है। इसके बाद जापानी पार्क में सुधांशु महाराज द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में भी सम्मिलित हुए।
 
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