2025 में दौड़ेगी नोएडा एयरपोर्ट तक मेट्रो, 35.64 किमी लंबे ट्रैक पर बनेंगे 25 स्टेशन
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परी चौक से नोएडा एयरपोर्ट टर्मिनल मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण 2020 में शुरू होगा और 2025 में बनकर तैयार हो जाएगा। 35.64 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 25 स्टेशन बनेंगे। इसे बनाने में करीब 5708 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह जिले में सबसे लंबा मेट्रो रूट होगा। इससे पहले नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच करीब 29 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर एक्वा मेट्रो दौड़ रही है।
नोएडा एयरपोर्ट के मद्देनजर यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने मेट्रो रूट प्रस्तावित किया है। इसकी डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को दी गई थी। डीएमआरसी ने डीपीआर तैयार कर यीडा को सौंप दी है। इसके मुताबिक मौजूदा परी चौक मेट्रो स्टेशन से यह रूट कनेक्ट होगा। पहला स्टेशन नॉलेज पार्क टू होगा। उसके बाद चाई वन, चाई टू, चाई थ्री, चाई फोर, जीबीयू, नाइट सफारी, मसूदपुर स्टेशन होंगे।
ये सभी ग्रेटर नोएडा की सीमा में स्थित हैं। उसके बाद यीडा का क्षेत्र शुरू हो जाता है, जिसमें सेक्टर 26ए, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, गलगोटिया विवि, सेक्टर-17ए, स्पोर्ट्स सिटी, सेक्टर-22ए, 22बी, सेक्टर-18 वन, 18 टू, 22सी, सेक्टर 19, 20, 21, 28, 29, नंगला हुकुम सिंह और एयरपोर्ट टर्मिनल आखिरी स्टेशन होगा। ग्रेटर नोएडा में कुल 8 स्टेशन होंगे, जबकि 17 स्टेशन यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में होंगे।
एलिवेटेड रूट यमुना एक्सप्रेस के पैरलल बनेगा
डीपीआर के मुताबिक अगर अगले साल निर्माण शुरू हो जाता है तो 2025 में यह रूट बनकर तैयार हो जाएगा। रिपोर्ट में पहले दिन से ही 82,242 यात्री प्रतिदिन का आकलन लगाया गया है। इसे बनाने में करीब 5708 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह रूट एलिवेटेड होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के पैरलल बनेगा। इस पर दो तरह की मेट्रो को दौड़ाने का प्लान है। पहला, सामान्य मेट्रो, जो हर स्टेशन पर रुकते हुए जाएगी और दूसरी एक्सप्रेस लाइन, जो कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही रुकेगी, ताकि एयरपोर्ट यात्रियों का समय बच सके। इसे बनाने में खर्च का बोझ नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण मिलकर उठा सकते हैं। साथ ही, भारत सरकार से भी वित्तीय सहायता ली जाएगी। हालांकि, फंडिंग पैटर्न पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
एयरपोर्ट तक दो साल कैसे पहुंचेंगे यात्री
नियाल की रिपोर्ट के मुताबिक अगर शीघ्र काम शुरू हो जाता है तो नोएडा एयरपोर्ट से 2023 में पहली उड़ान शुरू हो जाएगी, जबकि परी चौक से नोएडा एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर 2025 में बनकर तैयार होगा। दोनों के बीच में दो साल का अंतर है। इस दौरान लोग कैसे एयरपोर्ट तक पहुंचेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो चल रही है। एयरपोर्ट मेट्रो नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मौजूदा रूट को भी जोड़ेगी।
डीएमआरसी ने मेट्रो की डीपीआर बनाकर सौंप दी है। इसे आगामी बोर्ड बैठक के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन को सौंप दिया जाएगा। वहां से प्रदेश कैबिनेट से मंजूरी के लिए जाएगी। वहां से अप्रूवल के बाद ही निर्माण शुरू होगा। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण