मेट्रो रूट के निरीक्षण में कुछ दिखी खूबी तो कहीं नजर आई खामी
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यात्रियों को स्टेशन आने के बाद टोकन काउंटर, ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन और ट्रेन तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए डीएमआरसी को कई खामियां दूर करनी होंगी।
मंगलवार को सीएमआरएस ने निरीक्षण के दौरान स्टेशन के डिजाइन और सूचना पट से संबंधित इन खामियों की तरफ इशारा किया। उन्होंने इन खामियों को आम आदमी के लिए रूट चालू करने से पहले दुरुस्त करने को भी कहा।
मंगलवार को सीएमआरएस सुबह 9:30 बजे बदरपुर स्टेशन पहुंचे। यहां से ट्रॉली पर बैठकर ट्रैक चेक करते नीलम चौक, बाटा चौक स्टेशन होते हुए एस्कॉर्ट्स मुजेसर पहुंचे।
इस दौरान हर स्टेशन और ट्रैक पर उनकी निगाह यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए किए गए उपायों पर रही। लगभग हर स्टेशन पर उन्हें संकेत बोर्ड में खामियां मिलीं।
साइन बोर्ड देख जताई नाराजगी
सीएमआरएस आरके कदम ने सभी स्टेशनों पर यात्रियों को सूचना देने वाले साइन बोर्ड मानक के मुताबिक नहीं लगे होने की बात कह इसे ठीक कराने को कहा।
उनका कहना था कि यात्रियों को कहां से बाहर निकलना हैं, टोकन के लिए कहां जाना है, ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन (एवीएम) कहां है, इसके स्पष्ट संकेत बोर्ड नहीं लगे हैं। उन्होंने संकेत बोर्ड भी स्पष्ट और मानक के अनुसार सही जगह पर लगाने को कहा।
ट्रैक-इंटरचेंजिंग को परखा-
ओल्ड फरीराबाद, और एस्कॉर्ट्स मुजेसर स्टशनों के पास स्थित पटरियों की इंटरचेंजिंग चेक की गईं। ट्रेन का ट्रैक बदलने के लिए इंटरचेंजिंग पटरियों को पहले कंट्रोल रूम से नॉर्मल और रिवर्स मोड में बदलवा कर देखा गया।
कंट्रोल रूम में परखा ऑपरेटिंग सिस्टम
इसके बाद मैकेनिकल (हाथ से) बदलवा कर देखा। ट्रैक की यू गर्डर से दूरी, इंटरचेंजिंग ट्रैक की पटरियों के खिसकने की दूरी भी चेक की गई।
पटरियां बदलते समय यदि यदि ट्रैक में कोई अड़चन आ जाए तो कंट्रोल रूम में क्या संकेत मिलेंगे इसकी जांच की गई। ट्रैक बदलने वाली पटरियों के बीच एक और दो मिलीमीटर चौड़ी अड़चन डाल कर देखा गया।
ट्रैक में सब कुछ सही पाया गया। इसके अलावा डिप्टी सीएमआरएस सुलभ त्यागी ने सभी स्टेशनों के पास ओवरहेड इक्विपमेंट तारों की ऊंचाई, खंभों से दूरी आदि भी चेक की।
डिप्टी सीएमआरएस सुलभ त्यागी ने स्टेशनों के कंट्रोल रूम में ट्रेनों के संचालन का तरीका और रजिस्टरों को चेक किया। कंट्रोल रूम में आग बुझाने के लिए ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर के अलावा अग्निशमन के हाथ वाले उपकरणों की उपलब्धता सही जगहों पर होना सुनिश्चित किया।