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सिग्नलिंग तकनीक के स्वदेशीकरण की दिशा में बढ़ी मेट्रो

Wed, 16 Sep 2020 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली        
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली         Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 16 Sep 2020 06:08 AM IST
सार

  • इंडियन-ऑटोमैटिक ट्रेन सिस्टम बनाया, रेडलाइन और मेट्रो फेज 4 के सभी कॉरिडोर में होगा इस्तेमाल
  • चालक रहित ट्रेन सिग्नलिंग सिस्टम पर प्रयोगशाला की शुरुआत

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Metro moves towards indigenization of signaling technology
आत्मनिर्भरता की ओर... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली मेट्रो ने सिग्नलिंग तकनीक अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इंडियन-ऑटोमैटिक ट्रेन सिस्टम (आई-एटीएस) बना लिया है। रेड लाइन और मेट्रो फेज 4 के सभी कॉरिडोर पर इसे लगाने की योजना है। दूसरी तरफ कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नलिंग प्रणाली विकसित करने के लिए मंगलवार को शास्त्री पार्क में प्रयोगशाला की भी शुरुआत की गई। 

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दिल्ली मेट्रो समेत देश के दूसरे हिस्सों में चलने वाली मेट्रो में अभी तक विदेशों में विकसित सिग्नलिंग प्रणाली का इस्तेमाल होता है। दिल्ली मेट्रो इसके स्वदेशीकरण पर काम कर रहा है। पहले चरण में मेट्रो ने आई-एटीएस (वह सिस्टम, जिसमें ट्रेन चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत होती है) को विकसित किया है, जबकि सीबीटीसी (चालक रहित ट्रेन) सिग्नलिंग सिस्टम पर काम शुरू कर दिया गया है। 
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प्रयोगशाला की शुरुआत के मौके पर केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने कहा कि यह स्वदेशी सीबीटीसी तकनीक के विकास की आधुनिकतम प्रयोगशाला है। इससे आत्मनिर्भर भारत की पहल मजबूत होगी। वहीं, इसे विदेशी बाजारों के लिए भी तैयार किया जा सकेगा। 
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दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने कहा कि मेट्रो रेल सिस्टम के परिचालन के लिए अपेक्षित स्वदेशी तकनीक विकास की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वदेशी मेट्रो रेल के निर्माण व परिचालन के क्षेत्र में नए आयामों की तरफ बढ़ेंगे। 


सीबीटीसी तकनीक अभी विदेशी 
डीएमआरसी के मुताबिक, सीबीटीसी सरीखी तकनीकें अभी यूरोप व जापान से नियंत्रित हैं। मेक इन इंडिया की पहल के तहत केंद्र सरकार ने सीबीटीसी को भारत में बनाने का निर्णय लिया है। डीएमआरसी के साथ इसमें नीति आयोग, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और सी-डेक सहयोगी है। 

 

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