दादरी में बंद हो रही नॉनवेज की दुकानें, खाने वाले भी दहशत में
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बिसहाड़ा में गाय के मांस की अफवाह के चलते मोहम्मद इकलाख की हत्या के बाद गांव के होटलों के मेन्यू से चिकन और मटन भी हटा दिया गया है। मांस बेचने वालों और रेस्त्रां मालिकों ने बिसहाड़ा में अपनी दूकानें हमले के डर से बंद कर दी है।
हालांकि जिला प्रशासन की ओर से मांस की खरीद-फरोख्त को लेकर ऐसी कोई एडवाइजरी या आदेश जारी नहीं किए हैं। गांव के आस-पास की दूकानें कुछ समय के लिए बंद कर दी गई है क्योंकि लोगों को इस गंभीर माहौल में डर के कारण दूकानें खोलना फिलहाल उचित नही लगता।
बिसहाड़ा में दो रेस्त्रां है- प्रिंस नॉन वेज फूड प्वाइंट और महाराणा प्रताप होटल। रेस्त्रां चचेरे भाईयों द्वारा चलाए जा रहे हैं। महाराणा प्रताप होटल एक शाकाहारी होटल है, जोकि चल रहा है।
प्रिंस नॉन-वेज फूड प्वाइंट के मालिक कहते हैं कि बिसहाड़ा एक हिंदू बहुल गांव है और वे ही उनके प्रमुख ग्राहक हैं। लेकिन इकलाख पर हमले से पूरा क्षेत्र धूर्वीकृत हो गया है।
दूसरा काम तलाश रहे मांस बेचने वाले
इसका असर होटलों और रेस्त्रां पर भी पड़ा है। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए फिलहाल होटल को बंद कर रखा है। उनका कहना है कि यहां अमूमन 150 ग्राहक एक दिन में आते हैं। 50 किलो चिकन और 10 किलो मटन के खराब हो जाने के कारण उन्हें हजारों रुपयों का नुकसान हुआ है।
गांव से सटे शाकाहारी भोजनालय भी फिलहाल बंद हैं। नॉन वेज फूड का स्टॉल चलाने वाले एक व्यक्ति का ने बताया कि वे जार्चा में एक नॉन वेज फूड स्टॉल चलाते हैं।
बिसहाड़ा की घटना क्षेत्र में आग की तरह फैली है और इससे मांस खाने वाले और बेचने वाले दोनों ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अब वे कोई दूसरा धंधा या व्यापार करने की सोच रहे हैं।
मानकीपुर, ताजपुर, सलारपुर गांव के आस-पास नॉन वेज फूड स्टॉल चलाने वालो का भी यही कहना है कि वे भी अब अपनी दूकानें बंद करने का विचार कर रहे हैं।
साभार- शफाक आलम, टाइम्स ऑफ इंडिया