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यमुना प्राधिकरण भूमि घोटाला: 7 पूर्व अफसरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट, आईएएस समेत पांच गिरफ्तार
Tue, 25 Dec 2018 08:13 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 25 Dec 2018 08:13 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में हुए 126 करोड़ के भूमि घोटाले में मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने सात तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
अदालत ने तत्कालीन ओएसडी वीरपाल सिंह, तत्कालीन तहसीलदार सुरेश चंद्र शर्मा, रणवीर सिंह, तत्कालीन उपमुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश कुमार सिंघल, तत्कालीन प्रबंधक नियोजन बृजेश कुमार, नायब तहसीलदार चमन सिंह, लेखपाल पंकज कुमार के खिलाफ वारंट जारी कर गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं।
इससे पहले पुलिस इस मामले में पूर्व सीईओ आईएएस पीसी गुप्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस मामले में अभी तीन दर्जन से अधिक आरोपी फरार हैं।
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सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम निशांक शर्मा ने बताया कि तीन जून को यमुना प्राधिकरण के 126 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में कासना कोतवाली में पीसी गुप्ता समेत 21 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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अदालत ने तत्कालीन ओएसडी वीरपाल सिंह, तत्कालीन तहसीलदार सुरेश चंद्र शर्मा, रणवीर सिंह, तत्कालीन उपमुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश कुमार सिंघल, तत्कालीन प्रबंधक नियोजन बृजेश कुमार, नायब तहसीलदार चमन सिंह, लेखपाल पंकज कुमार के खिलाफ वारंट जारी कर गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं।
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इससे पहले पुलिस इस मामले में पूर्व सीईओ आईएएस पीसी गुप्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस मामले में अभी तीन दर्जन से अधिक आरोपी फरार हैं।
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सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम निशांक शर्मा ने बताया कि तीन जून को यमुना प्राधिकरण के 126 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में कासना कोतवाली में पीसी गुप्ता समेत 21 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
जांच में छह कंपनियों समेत कई और लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस ने हाल ही में डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक सतेंद्र चौहान, रमेश बंसल और पांचवे आरोपी ओएसडी वीपी सिंह की पत्नी के भाई सत्येंद्र गांव धमैड़ा (बुलंदशहर) निवासी संजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सीओ ने बताया कि इस मामले में अब सात तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले में अब तक 40 से अधिक आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। जिन आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं, वह जल्द गिरफ्तार नहीं होते, तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सीओ ने बताया कि इस मामले में अब सात तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले में अब तक 40 से अधिक आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। जिन आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं, वह जल्द गिरफ्तार नहीं होते, तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।