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ग्रेटर नोएडा: 37 करोड़ में होगी मेडिकल कॉलेज जमीन की बुकिंग

Wed, 09 Oct 2019 06:35 AM IST
Trainee Trainee गौरव शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
गौरव शर्मा, अमर उजाला, नोएडा Published by: Trainee Trainee Updated Wed, 09 Oct 2019 06:35 AM IST
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medical college land costs 37 crore for booking
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

मेडिकल कॉलेज की भूमि को लेकर प्राधिकरण अलग पटरी पर है और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) अलग। प्राधिकरण भूमि के एवज में समस्त धनराशि लेने पर आमादा है, जबकि जिम्स प्रशासन किसी कीमत पर भूमि छोड़ना नहीं चाहता। जिम्स के सामने मजबूरी धनाभाव की है। इसी का तोड़ निकालते हुए जिम्स प्रबंधन ने अब भूमि ‘बुक’ करने के लिए शासन को 10 फीसदी धनराशि आवंटित करने को पत्र लिखा है।

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दस प्रतिशत रकम 37 करोड़ बताई जा रही है। बताया गया है कि इतनी रकम प्राधिकरण को मिलने के बाद भूमि जिम्स के पक्ष में बुक कर दी जाएगी। जीबीयू परिसर में अस्थाई तौर पर जिम्स का मेडिकल कॉलेज संचालित है। बिल्डिंग के एवज में मोटा किराया जिम्स प्रबंधन जीबीयू प्रशासन को देता है। बताया गया है कि यहां 56 एकड़ भूमि प्राधिकरण की है।
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इस पर स्थायी मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है। लेकिन जिम्स प्रशासन के सामने अड़चन यह है कि प्राधिकरण भूमि का कुल पैसा एकमुश्त चाहता है और उतनी धनराशि जिम्स के पास नहीं है। भूमि को लीज पर लिए जाने की प्रक्रिया भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। सूत्रों ने बताया कि प्राधिकरण भूमि को बेचने के मूड में है। ऐसे में भूमि किसी और के हाथों में न पहुंच जाए। 
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ऐसे में जिम्स प्रबंधन ने कदम उठाया है। बताया गया है कि जिम्स प्रबंधन और प्राधिकरण अफसरों के बीच वार्ता हुई है। उसमें तय हुआ है कि कुल भूमि की लागत का 10 प्रतिशत जमा कर भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए बुक हो सकती है। एक तरह से अधिकारिक तौर पर भूमि जिम्स प्रबंधन को हस्तांतरित कर दी जाएगी। शेष धनराशि भी नियत समय पर देनी होगी। 10 फीसदी (37 करोड़) रुपये की मांग को लेकर जिम्स प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। वहां से धनराशि मिलते ही हस्तांतरण की अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

क्या होगा फायदा?

जिम्स प्रशासन अभी तक किराये पर मेडिकल कॉलेज चला रहा है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अफसर हर बार निरीक्षण में भूमि को लेकर चर्चा करते हैं। स्थायी इमारत होने पर जिम्स प्रशासन और छात्रों के लिए भी स्थायित्व आएगा।

हाइटेंशन लाइन भी गुजर रही

मेडिकल कॉलेज के लिए निर्धारित भूमि पर काफी क्षेत्र से हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। जिम्स प्रशासन का कहना है कि हाइटेंशन लाइन गुजरने वाला काफी क्षेत्र मेडिकल कॉलेज के लिए सार्थक साबित नहीं होगा। लेकिन इस आधार पर भूमि छोड़नी नहीं है। कोशिश है कि पूर्ण भूमि जिम्स प्रशासन को हैंडओवर हो जाए और जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।


जिम्स के प्रशासनिक अधिकारी, अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि प्राधिकरण भूमि को अपने स्तर से देने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में कुल भूमि की 10 फीसदी (37 करोड़) धनराशि देकर भूमि जिम्स प्रशासन के नाम कर दी जाएगी। शासन को धनराशि आवंटन को पत्र लिखा है। शेष धनराशि उसके बाद दे दी जाएगी।

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