मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का झांसा देकर की 90 लाख की ठगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई के मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटा में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर 90 लाख की ठगी करने के आरोपी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान मूल रूप से उत्तराखंड के रुड़की में तेलीबाला निवासी पीयूष सैनी (47) के रूप में हुई है। वह दिल्ली में पश्चिम विहार में रहता है और उस पर ठगी के 14 मामले दर्ज हैं। आरोपी को दिल्ली पुलिस पहले भी दो बार गिरफ्तार कर चुकी है।
संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि विवेक विहार सेक्टर-82 नोएडा निवासी सूरजपाल ने क्राइम ब्रांच में 90 लाख की ठगी किए जाने की शिकायत की। शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले उसने समाचार पत्र में एक विज्ञापन देखा था।
विज्ञापन में एक कंसलटेंट एजेंसी ने मुंबई मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटा से एडमिशन दिलाने का दावा किया गया था। सूरजपाल ने अपने भतीजे के एडमिशन के लिए कंसलटेंट एजेंसी के मालिक पीयूष सैनी से संपर्क किया।
पैसे मांगने पर देने से किया इंकार
आरोपी पीयूष ने एडमिशन के एवज में एक करोड़ रुपये की मांग की। सूरजपाल ने उसे 90 लाख रुपये दे दिए, लेकिन बाद में इंटरनेट के जरिये सूरजपाल को पता चला कि पीयूष पर ठगी के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
पीड़ित ने पीयूष से रुपये वापस करने के लिए कहा, तो उसने रुपये वापस करने से इनकार कर दिया। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पीयूष को गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि पीयूष वर्ष 1993 में दक्षिण दिल्ली स्थित एक इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा कोर्स करने आया था, लेकिन परीक्षा में पास नहीं हो पाया।
फिर आरोपी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया। उसके बाद वह सफदरजंग इलाके में दिशा नाम का फर्म खोलकर देश-विदेश के मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी करने लगा।
हली बार सरोजनी नगर थाना पुलिस ने वर्ष 2006 में उसे गिरफ्तार किया था। जेल से निकलने के बाद आरोपी ने फिर ठगी शुरू कर दी। इसके बाद 2012 में क्राइम ने आरोपी को किया था।