Delhi: MCD का सफाई फॉर्मूला, बाजारों में प्रत्येक दिन दो बार तो आवासीय इलाकों में एक बार लगेगी झाड़ू
आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार करने और स्वच्छता सर्वेक्षण (एसएस)-2023 की रैंकिंग में सुधार करने के लिए शनिवार को रोहिणी जोन में आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों की पिछली गलियों की सफाई की गई।
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दिल्ली नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण के फॉर्मूले को अपनाकर आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की सफाई करेगा। औद्योगिक और सार्वजनिक जगहों पर रोजाना दो बार और रिहायशी कॉलोनियों में एक बार झाड़ू लगेगी। बैकलेन की नियमित तौर पर सफाई होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खुले में मचबा और कूड़ेदान में कचरा नहीं छूटे।
आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार करने और स्वच्छता सर्वेक्षण (एसएस)-2023 की रैंकिंग में सुधार करने के लिए शनिवार को रोहिणी जोन में आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों की पिछली गलियों की सफाई की गई। रोहिणी जोन की उपायुक्त अंकिता मिश्रा ने बताया कि भले ही रोजाना नियमित सफाई होती है, लेकिन कई बार गलियां छूट जाती हैं। बरसात के मौसम में पिछली गलियों में घास उगने की संभावना बनी रहती है। इसके परिणाम स्वरूप मच्छरों का प्रजनन होता है। कई जगहों पर जलजमाव व नालियां चोक होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे निपटने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के टूल किट के संकेतकों के अनुसार ही गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।
एसएस-2023 का टूलकिट बेहतर डिजाइन
एमसीडी के पूर्व अधीक्षण अभियंता और स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी रहे राजीव कुमार जैन ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की टूल किट के संकेतकों में सूखे और गीले कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण सहित सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। इसमें शहर में स्वच्छता सुनिश्चित करने की योजना को अच्छी तरह से डिजाइन किया गया है। इसमें प्लास्टिक कचरा, आवासीय क्षेत्रों, सार्वजनिक क्षेत्रों, वाणिज्यिक क्षेत्रों में सफाई, नालियों की सफाई, पिछली गलियों की सफाई, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर पार्कों, स्मारकों के नाम, नागरिकों की भागीदारी, जागरूकता फैलाना, शौचालयों का रखरखाव, शून्य अपशिष्ट जैसी जरूरी गतिविधियों को शामिल किया गया है।
एसएस-2023 में बैकलेन की सफाई पर 120 अंक
- एसएस-2023 के लिए कुल 300 अंक तय हैं। नगर निगमों के स्वच्छता प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे।
- औद्योगिक और सार्वजनिक जगहों की दो बार सफाई, एक बार दिन में एक बार रात में (30 अंक)
- सभी रिहायशी स्थानों की दिन में एक बार सफाई (30 अंक)
- बैक लेन की सफाई, जल जमाव न हो, नाले जाम न हों, सूखा कचरा न जमा हो (120 अंक)
- हर वार्ड में 100 लीटर क्षमता के कूड़ेदानों की सफाई, खाली प्लॉटों से मलबा हटाना, कचरा न जलाया जाना (20 अंक)
- पूरी दिल्ली में शून्य अपशिष्ट सुनिश्चित करना (20 अंक)
- औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों में पान मसाला खाकर थूके गए क्षेत्र न हों (80 अंक)