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MCD Elections : सभी जोन उपायुक्त वार्ड समिति चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी बनाये गये, आयुक्त ने किया नियुक्त

Wed, 04 Sep 2024 01:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 04 Sep 2024 01:03 AM IST
सार

आयुक्त अश्वनी कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार ऐसा एलजी वीके सक्सेना के निर्देश के बाद किया गया है ताकि वार्ड समिति चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कराये जा सकें। 

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MCD Elections: All Zone Deputy Commissioners were made presiding officers for Ward Committee elections
एमसीडी मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश के बाद एमसीडी आयुक्त ने सभी जोनों के उपायुक्त को वार्ड समितियां के चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। आयुक्त अश्वनी कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार ऐसा एलजी वीके सक्सेना के निर्देश के बाद किया गया है ताकि वार्ड समिति चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कराये जा सकें। 

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इससे पहले दिल्ली की मेयर शैली ओबरॉय ने मंगलवार देर शाम चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति करने से इंकार कर दिया था। उन्होंने वार्ड समितियों के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने की आयुक्त को लौटाई फाइल में लिखा कि उनकी अंतरात्मा अलोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की इजाजत नहीं देती है। लिहाजा पार्षदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए सिर्फ एक दिन का समय देने के बजाए उन्हें कम से कम एक सप्ताह का समय देने के लिए चुनावी प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाए।

मेयर ने कहा कि नियमानुसार, किसी सदस्य को नामित करने का अधिकार का उपयोग सावधानीपूर्वक और विवेकपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक मानदंडों को बनाए रखा जा सके और सभी पार्षदों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनाव कार्यक्रम निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की हत्या करने जैसा प्रतीत होता है। चुनाव प्रक्रिया के लिए तय की गई तारीखों ने कई योग्य पार्षदों को नामांकन दाखिल करने के उनके कानूनी अधिकार से वंचित कर दिया। दअरसल पार्षदों को नोटिस जारी करने व नामांकन पत्र की समय सीमा के बीच केवल एक दिन का समय दिया गया था। एमसीडी के इतिहास में इतना कम समय पहले कभी नहीं दिया गया।

मेयर व आप पार्षदों ने पहले भी चुनाव प्रक्रिया पर उठाया था सवाल
एमसीडी ने वार्ड समितियों के चुनाव चार सितंबर को कराने के लिए गत 28 अगस्त को अधिसूचना जारी की थी और 30 अगस्त तक नामांकन पत्र जमा करने का समय तय किया था। उधर मेयर व आम आदमी पार्टी के चार पार्षदों ने कई कारणों का उल्लेख करते हुए 29 अगस्त को वार्ड समितियों के चुनाव की प्रक्रिया का समय बढ़ाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, इसी दिन आम आदमी पार्टी के एक पार्षद ने वार्ड समितियों के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग के संबंध में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने 30 अगस्त को सुनवाई करते हुए आप पार्षदों की मांग को ठुकरा दिया था। इस कारण आप पार्षद ने अपनी याचिका वापस ले ली थी।

आप ने हार मानी: भाजपा
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने कहा कि वार्ड समितियों के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त न करके मेयर शैली ओबरॉय एवं आम आदमी पार्टी ने ना सिर्फ वार्ड समितियों में हार स्वीकार कर ली है, बल्कि स्थायी समिति के चुनाव में भी हार मान ली है। उन्होंने कहा कि मेयर के कदम के मामले में आयुक्त को संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करवाना चाहिए।

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