फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   MBA student was running fake call center Delhi Police arrested

Delhi: फर्जी कॉल सेंटर चलाती मिली 23 वर्षीय एमबीए की छात्रा, नौकरी दिलाने का देती थी झांसा

Sat, 15 Apr 2023 06:40 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 15 Apr 2023 06:40 PM IST
सार

आरोपी अब तक देशभर में 200 अधिक युवाओं से लाखों रुपये की ठगी कर चुके थे। आरोपियों में आरती और तरुण भी ग्रेजुएट हैं। वहीं जीनत 12वीं पास है।

विज्ञापन
MBA student was running fake call center Delhi Police arrested
arrest symbol - फोटो : amar ujala

विस्तार

नामी वेबसाइट से रजिस्टर्ड कराकर लक्ष्मीनगर में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गैंग का पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। यहां 23 वर्षीय एमबीए की छात्रा शास्त्री नगर, दिल्ली निवासी माही शर्मा उर्फ राधिका गुप्ता अपने सहयोगी साउथ अनारकली निवासी आरती चौहान उर्फ गीत उर्फ नेहा (46), सरस्वती विहार, लोनी, देहात, गाजियाबाद निवासी जीनत उर्फ हुदा (20) और शाहदरा निवासी तरुण कुमार उर्फ सागर (26) संग मिलकर वारदातों को अंजाम दे रही थी।

विज्ञापन


आरोपियों से दो लैपटॉप, पांच फोन, पेटीएम क्यूआर कोड स्केनर आदि बरामद किया गया है। आरोपी अब तक देशभर में 200 अधिक युवाओं से लाखों रुपये की ठगी कर चुके थे। आरोपियों में आरती और तरुण भी ग्रेजुएट हैं। वहीं जीनत 12वीं पास है। पूर्वी जिला की पुलिस उपायुक्त अमरुथा गुगुलोथ ने बताया कि साइबर थाना पुलिस को नौकरी दिलवाने के नाम पर साइबर ठगी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जानकारी जुटाने के लिए इंस्पेक्टर गौरवे चौधरी, एसआई नरेश व अन्यों की टीम को जांच के लिए लगाया गया। सूचना के बाद टीम ने ए-38, दूसरी मंजिल, लक्ष्मी नगर में छापेमारी की। वहां माही ने 'इनसाइट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से कॉल सेंटर खोला हुआ था। आरती व जीनत भी उसका सहयोग करती मिलीं। वहीं इनके चौथे सहयोगी तरुण को शाहदरा से दबोच लिया गया।
विज्ञापन


ऐसे दिया जाता था ठगी की वारदात को अंजाम
आरोपी नामी वेबसाइटों के माध्यम से बेरोजगार युवाओं का डाटा लेकर उनको कॉल करते थे। उनको इंटरव्यू के लिए अपने दफ्तर बुलाने के अलावा टेलीफोन पर भी उनका इंटरव्यू कर लेते थे। बाद में रजिस्ट्रेशन व दूसरी फीस के नाम पर पीड़ितों से मोटी रकम वसूल ली जाती थी। पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिए जाते थे। कंपनी पहुंचने पर पीड़ित को ठगी का पता चलता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed