शहीद कैप्टन कुंडू: इस खास थ्योरी पर विश्वास करते थे कपिल, फेसबुक से साबित हुई ये बात
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देश के लिए कुर्बान हुए गुरुग्राम के पटौदी का कैप्टन कपिल कुंडू हमेशा सकारात्मक सोच रखता था। उसका मानना था कि जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं।
अपनी आखिरी फेसबुक पोस्ट में उसने यह जिक्र किया है। मां से बात करते हुए भी कई बार इसे दोहरा चुका था। मां सुनीता देवी कहती हैं कि जीवन को लेकर उसकी सोच साफ थी। जब टीवी पर खबरों को देखकर उससे पूछती थी तो पहले कहता था मां टीवी मत देखा कर।
मां बताती है वह हमेशा परिवार का ख्याल रखता था, मुझे कभी दुख ना पहुंचे इसलिए सेना से जुड़ी बातें नहीं बताता था। मां ने कहा कि अपने काम से जुड़ी बातों को सिर्फ बहनों को ही बताता था।
'मैं देश के लिए पैदा हुआ हूं'
अक्सर बात करते हुए कहता था कि मैं देश के लिए पैदा हुआ हूं। जिंदगी देश के लिए है। जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए। जो देश के काम आ सके। मां सुनीता का कहना है कि उनका इकलौता बेटे पर देशभक्ति का जुनून था।
वह देश के लिए कुछ भी करने को हमेशा तैयार रहता था। बता दें कि कश्मीर में सीमा पार से हुए फायरिंग में चार जवान शहीद हुए। जिसमें कपिल कुंडू भी शामिल था।
कपिल की बड़ी बहन काजल का कहना है कि उसे रविवार दोपहर में बात हुई थी। वहां उस समय सबकुछ सामान्य था। उससे पूछा भी था कि कोई दिक्कत तो नहीं है। उसने कहा था सबकुछ ठीक है।
बहनें देने वाली थीं भाई को सरप्राइज
दस फरवरी को आने की बात कहा था। उसके लिए सरप्राइज की तैयारी कर रही थी, लेकिन उसने ही सबको सरप्राइज कर दिया। दूसरी बहन सोनिया कहती है वह हमेशा ऊर्जावान रहता था।
तरह-तरह की किताबें पढ़ता था। पॉजिटिव बातें करता था, हर बात में देश को आगे रखता था। कहता था कि जिंदगी देश के काम आनी चाहिए। देश हमें देता है सबकुछ, हम देश का क्या देते है कि थ्योरी पर विश्वास करता था।
कविताएं लिखने का भी था शौक
कपिल के परिवार, दोस्त और स्कूल के शिक्षकों की मानें तो वह पढ़ने लिखने में अव्वल था। उपन्यास पढ़ना व कविता लिखना उसे पसंद था।
शहादत से पहले अपने दोस्त को भेजी गई एक आखिरी कविता सामने आई है, जिसमें देशभक्ति कूट-कूट कर भरी है।
कपिल कुंडू के दोस्त सौरभ का कहना है कि उन्हें कविताएं लिखने काज काफी शौक था। वह कई कविताएं लिख चुके थे। वाट्सऐप पर भी भी शेयर करता था।