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दर्दनाक दास्तां : हादसे ने उजाड़ दी कई परिवारों की पूरी दुनिया, मुरादनगर की हर गली में शोक की लहर

Tue, 05 Jan 2021 07:31 AM IST
Vikas Kumar प्रद्युम्न उपाध्याय, अमर उजाला, गाजियाबाद
प्रद्युम्न उपाध्याय, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 05 Jan 2021 07:31 AM IST
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many families destroyed in muradnagar shamshan ghat roof collapse incident
मुरादनगर हादसा - फोटो : अमर उजाला

मुरादनगर श्मशान घाट गलियारे की छत गिरने के हादसे ने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ कर रख दी है। किसी परिवार में अब कोई कमाने वाला तक नहीं बचा है। पहले बड़ी बेटी की मौत से सतीश का परिवार उबर भी नहीं पाया था कि अब वह खुद हादसे की वजह से दुनिया से चले गए। सतीश कुमार की मौत हो गई। परिवार में अब सतीश की पत्नी सरला और 11 वर्षीय बेटी अनुष्का बची है। पति खोने के बाद सरला की हालत बेहद खराब है। उन्हें बेटी के भविष्य की चिंता सता रही है। ऐसे ही संगम विहार निवासी वेल्डिंग करने वाले नीरज अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों को छोड़ गए हैं। 

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 बेटी को अफसर बनाना चाहते थे सतीश 
चकबंदी कर्मी सतीश कुमार परिवार में अकेले कमाने वाले थे। 11 साल की बेटी अनुष्का उनकी बेहद लाडली थी। उनकी ख्वाहिश बेटी को बड़ा अफसर बनाने की थी, लेकिन श्मशान घाट हादसा परिवार में अंधेरा कर गया। सतीश कुमार के छोटे भाई सुनील कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई बेहद मिलनसार और सबकी मदद करने वाले थे। प्रशासनिक प्रणाली में फैले भ्रष्टाचार ने उनके भाई के साथ कई परिवारों का चिराग छीन लिया। श्मशान घाट के गलियारे में हुए निर्माण और कई लोगों की जान चले जाने पर उनके मन में काफी गुस्सा दिखाई दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ कड़ी कार्रवाई कर दोषियों को सजा दिलवाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाई के जाने के बाद अब भतीजी अनुष्का की अच्छी पढ़ाई और उसके सपनों को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी है।
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कविता ने खोया पति, खुदा का गुर्दा खराब, अब चार बच्चों की चिंता
संगम विहार निवासी बैल्डिंग करने वाले 40 वर्षीय नीरज उर्फ बंटी की श्मशान घाट हादसे में मौत हो गई। अपने पीछे पत्नी कविता के साथ वह चार बच्चे छोड़ गए हैं। पत्नी कविता किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं। बच्चे छोटे होने के कारण नीरज परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। अब खुद बीमारी झेल रहीं कविता को अपने बच्चों की परवरिश की चिंता सता रही है। हादसे में बाद दो बच्चों की तबियत खराब चल रही है। जबकि दो बच्चे इंसाफ के लिए मां के साथ दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दिनभर बैठे रहे। नीरज का सबसे बड़ा बेटा मनीष 10वीं का छात्र है, जबकि दूसरी बेटी प्राची आठवीं, तीसरी बेटी सलोनी व बेटा जतिन छठवीं क्लास के छात्र है। नीरज के छोटे भाई भूपेंद्र ने बताया कि बड़े भाई सभी बच्चों को पढ़ाकर काबिल बनाना चाहते थे। भाभी को किडनी की बीमारी है। ऐसे में बच्चों पढ़ाई और उनकी परवरिश की बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।
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 आठ मौतों से संगम विहार में मातम, गमगीन थी हर आंख
मुरादनगर श्मशाम घाट हादसे में आठ लोगों की दर्दनाक मौत के बाद संगम विहार की गलियों में मातम पसरा हुआ था। संगम विहार की हर गली में कोई इस हादसे का शिकार हुआ। मृतक जयराम की अंत्येष्टि में कई पड़ोसी शामिल हुए थे। ऐसे में जयराम की गली में ही नीरज उर्फ बंटी और 65 वर्षीय सेवानिवृत्त ऑडिनेंस फैक्टरी कर्मी ओमप्रकाश की मौत हो गई। ऐसे में जयराम की मौत के बाद एक गली में दो लोग इस हादसे का शिकार हो गए। ओमप्रकाश के घर के बाहर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ था। उनके छोटे भाई जयपाल और रिश्तेदार सोमनाथ के मन में भ्रष्ट तंत्र को लेकर गुस्सा दिखाई दिया। जयपाल के घर के पीछे की गली में भी सतीश कुमार की हादसे में मौत हो गई। वहीं, जयपाल की गली में रहने वाले निर्मल कुमार गंभीर रूप से घायल अवस्था में एमएमजी अस्पताल से सोमवार दोपहर संगम विहार पहुंचे। 

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