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गुरु की गोलक के पैसे का मनजीत सिंह जीके ने किया दुरुपयोग : कालका
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कमेटी के वर्तमान प्रधान और महासचिव ने पूर्व प्रधान पर लगाए आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जीके पर गुरु की गोलक के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अदालत ने दो मामलों में एफआईआर दर्ज कर संज्ञान लिया है। एक मामले में जीके पहले से जमानत पर हैं, जबकि दूसरे मामले में अदालत ने समन जारी किए हैं।
गुरुद्वारा रकाब गंज स्थित कमेटी के कार्यालय में प्रेस वार्ता में कालका और काहलों ने बताया कि पहला मामला नॉर्थ एवेन्यू थाने में दर्ज है। उसमें आरोप है कि कनाडा से एक परिवार ने दिए एक लाख कनाडाई डॉलर के चेक को लेकर फर्जी बैंक वाउचर तैयार किए गए और करीब 51 लाख रुपये का गबन किया। उन्होंने दावा किया कि यह राशि नकद जमा दिखाकर हेराफेरी की गई।
नेताओं ने आरोप लगाया कि मनजीत सिंह जीके ने साड़ी विरासत नाम की पुस्तक प्रकाशित दिखाकर भी घोटाला किया, जबकि ऐसी कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई। इसके अलावा जीके के घर के पते पर रजिस्टर्ड रैनबी क्लोथिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिये सामान सप्लाई दिखाकर भुगतान किए गए। इस मामले में समन जारी हुए हैं। जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें 30 लाख और 50 लाख रुपये की राशि को विदेशी मुद्रा के बदले समायोजित करने का आरोप है। इस मामले में आईपीसी की धाराएं लगाई गई हैं। कालका और काहलों ने आरोप लगाया कि विदेशों से संगत द्वारा चढ़ाई गई विदेशी मुद्रा का उपयोग धर्म प्रचार के नाम पर दिखाया गया, लेकिन उसके समर्थन में कोई रिकॉर्ड या रसीद उपलब्ध नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जीके पर गुरु की गोलक के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अदालत ने दो मामलों में एफआईआर दर्ज कर संज्ञान लिया है। एक मामले में जीके पहले से जमानत पर हैं, जबकि दूसरे मामले में अदालत ने समन जारी किए हैं।
गुरुद्वारा रकाब गंज स्थित कमेटी के कार्यालय में प्रेस वार्ता में कालका और काहलों ने बताया कि पहला मामला नॉर्थ एवेन्यू थाने में दर्ज है। उसमें आरोप है कि कनाडा से एक परिवार ने दिए एक लाख कनाडाई डॉलर के चेक को लेकर फर्जी बैंक वाउचर तैयार किए गए और करीब 51 लाख रुपये का गबन किया। उन्होंने दावा किया कि यह राशि नकद जमा दिखाकर हेराफेरी की गई।
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नेताओं ने आरोप लगाया कि मनजीत सिंह जीके ने साड़ी विरासत नाम की पुस्तक प्रकाशित दिखाकर भी घोटाला किया, जबकि ऐसी कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई। इसके अलावा जीके के घर के पते पर रजिस्टर्ड रैनबी क्लोथिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिये सामान सप्लाई दिखाकर भुगतान किए गए। इस मामले में समन जारी हुए हैं। जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें 30 लाख और 50 लाख रुपये की राशि को विदेशी मुद्रा के बदले समायोजित करने का आरोप है। इस मामले में आईपीसी की धाराएं लगाई गई हैं। कालका और काहलों ने आरोप लगाया कि विदेशों से संगत द्वारा चढ़ाई गई विदेशी मुद्रा का उपयोग धर्म प्रचार के नाम पर दिखाया गया, लेकिन उसके समर्थन में कोई रिकॉर्ड या रसीद उपलब्ध नहीं है।
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