{"_id":"5f25772f6350191a757e3b3c","slug":"manish-sisodia-writes-letter-to-amit-shah-requesting-immediate-directions-to-lieutenant-governor-to-overturn-his-decision-over-opening-hotels-and-weekly-bazaars","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपराज्यपाल के होटल और सप्ताहिक बाजार खुलने पर लगाई रोक हटवाने के लिए सिसोदिया ने अमित शाह को लिखा खत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपराज्यपाल के होटल और सप्ताहिक बाजार खुलने पर लगाई रोक हटवाने के लिए सिसोदिया ने अमित शाह को लिखा खत
Sat, 01 Aug 2020 07:37 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 01 Aug 2020 07:37 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
- फोटो : Twitter
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली सरकार के होटल और साप्ताहिक बाजार खोलने के फैसले को रद्द करने के अपने फैसले को वापस लेने के लिए उपराज्यपाल को निर्देश जारी करने के लिए अनुरोध किया है।
विज्ञापन
पत्र में उन्होंने लिखा कि हम सब इस तथ्य से भलीभांति परिचित हैं कि कोरोना की महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। अब जब भारत सरकार पूरे देश में अनलॉक की प्रक्रिया चला रही है और धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है, ऐसे में दिल्ली के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है।
विज्ञापन
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने होटल और साप्ताहिक बाजारों को खोलने का निर्णय लिया तो आपने उसे उपराज्यपाल महोदय के जरिए पलटवा दिया।
विज्ञापन
दिल्ली इस समय कोरोना के मामलों में सातवें स्थान पर है। पिछले एक महीने में यहां स्थिति काफी नियंत्रण में रही है और अब धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय मैं जब पूरे देश में होटल और साप्ताहिक बाजार खुले हैं, यहां तक कि जिन राज्यों में अभी कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं जैसे कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक आदि वहां भी होटल और साप्ताहिक बाजार खुले हैं। ऋ
ऐसे में दिल्ली में होटल और साप्ताहिक बाजार बंद रखकर केंद्र सरकार क्या हासिल करना चाह रही है यह समझ से परे है। जिस राज्य ने कोरोना नियंत्रण में बेहतर काम किया है उसे अपने कारोबार बंद रखने के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है ?
दिल्ली का आठ प्रतिशत कारोबार और रोजगार होटल न खुलने के कारण ठप पड़ा है। साप्ताहिक बाजार बंद रहने से पांच लाख परिवार पिछले चार महीने से घर पर बैठे हैं, अब जबकि उन्हें उम्मीद बंधी थी कि दिल्ली में कोरोना नियंत्रण होने से उन्हें अपना कारोबार शुरू करने का अवसर मिलेगा। उन्हें बंद रखने के लिए बाध्य करना दिल्ली की अर्थव्यवस्था के साथ और लाखों लोगों की उम्मीदों के साथ अन्याय है।
मेरा आपसे अनुरोध है कि आप अपने इस फैसले को बदलें और एलजी साहब को तुरंत मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को मंजूर करने के निर्देश दें। सरकार मंगलवार को उनके पास इसकी फाइल दोबारा भेजेगी, आप उन्हें कह दें कि वे अब इसे न रोके। दिल्ली का कारोबारी अपना काम शुरू करेगा तभी तो अर्थव्यवस्था सुधरेगी और नई नौकरियां निकलेंगी।
मुझे उम्मीद है आप तुरंत संज्ञान लेकर दिल्ली के होटल व्यापारियों और साप्ताहिक बाजार कारोबारियों के पक्ष में उचित निर्देश जारी करेंगे ।