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युवा संसद में मनीष सिसोदिया ने उठाया शिक्षा के जरिए गरीबी उन्मूलन का मुद्दा
Sun, 23 Feb 2020 06:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 23 Feb 2020 06:25 AM IST
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को विज्ञान भवन में आयोजित भारतीय युवा संसद में गरीबी उन्मूलन में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस पैनल में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और सामाजिक क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। क्या 2030 तक युवा भारत में जीरो प्रतिशत भुखमरी और जीरो प्रतिशत गरीबी का सपना पूरा हो सकेगा, विषय पर पैनल ने चर्चा की।
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इस अवसर पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था से भारत को एक शिक्षित देश में बदलने की आवश्यकता है जिससे गरीबी और भूख के विकराल रूप से लड़ने और उन्हें दूर करने में मदद मिलेगी। इससे देश के विकास में तेजी आएगी।
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इस बीच उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि, जब मैं स्कूल में पढ़ता था, उस समय हमें सिखाया गया था कि तीन प्रकार के देश हैं - विकसित, विकासशील और अविकसित। पिछले कुछ दशकों से भारत एक विकासशील देश ही बना हुआ है।
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हमें उम्मीद थी कि 8-10 वर्षों में भारत एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा, लेकिन आज भी हम अपने बच्चों को सिखाते हैं कि भारत एक विकासशील देश है। यह देखकर दुख होता है कि एक देश जो संसाधनों, मूल विचारकों और प्रतिभाशाली लोगों का भंडार है, अभी भी गरीबी और भुखमरी से जूझ रहा है।
हमें शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा कीर्तिमान स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए कि यहां अमेरिका और अन्य विकसित देशों के छात्र भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आएं और यहीं पर काम करने की इच्छा रखें।