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सौ साल की विरासत लिए रघुबीर सिंह मॉर्डन स्कूल में जश्न की शुरुआत, मनीष सिसोदिया पहुंचे
Tue, 22 Oct 2019 05:43 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 22 Oct 2019 05:43 AM IST
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मॉर्डन स्कूल के कार्यक्रम में मनीष सिसोदिया।
- फोटो : अमर उजाला
हम शिक्षा का इस्तेमाल करियर बनाने, पैसा कमाने, साख बनाने के लिए करते हैं, लेकिन मन की सफाई के लिए नहीं करते हैं। शिक्षा का अर्थ जीवन का निर्माण करना है। हम पांच फीसदी बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देकर और 95 फीसदी बच्चों को कामचलाऊ शिक्षा देकर देश खड़ा नहीं कर सकते हैं। जब तक सौ फीसदी बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिलेगी, तब तक देश खड़ा नहीं होने वाला। दिल्ली सरकार इस दिशा में काम कर रही है। मॉर्डन स्कूल के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह बातें कहीं।
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सौ साल की विरासत लिए मॉर्डन स्कूल ने जश्न की शुरुआत की है। इस अवसर पर रघुबीर सिंह जूनियर मॉर्डन स्कूल में सौ साल के सफर को सेलिब्रेट करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने स्कूल के सौ वर्ष में प्रवेश करने पर बधाई देते हुए कहा कि इस स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर स्कूल के शताब्दी वर्ष का नया लोगो जारी किया गया और ध्वज फहराया गया। छात्रों व शिक्षकों ने मिलकर स्कूल गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रघुबीर सिंह जूनियर मॉर्डन स्कूल की प्रिंसिपल मंजू राजपूत ने कहा कि स्कूल की स्थापना और प्रगति की कहानी हमें गौरवान्वित करती है। यह न केवल दिल्ली के इतिहास में बल्कि राष्ट्र के इतिहास में भी प्रासंगिक है।
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उन्होंने कहा कि संस्था की स्थापना में प्रत्येक हितधारक ने जो प्रेम, समय और प्रयास को लेकर जो निवेश व योगदान दिया है, वह प्रशंसनीय है। मॉर्डन स्कूल को बढ़ाने के लिए मैं प्रत्येक को सलाम करती हूं। इस मौके पर सीनियर ट्रस्टी व पूर्व अध्यक्ष अशोक प्रताप सिंह, बोर्ड ऑफ ट्रस्टी व चेयरपर्सन ऑफ स्कूल अनुराधा सिंह व कई नामी स्कूल एल्युमिनी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. डैंग लैब के निदेशक पदमश्री डॉ. नवीन डैंग, पंजाब व हरियाणा के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुदगल, सुप्रीम कोर्ट के जज संजय किशन कौल मौजूद थे।
मालूम हो कि वर्ष 1920 में लाला रघुबीर सिंह ने छह बच्चों के साथ दरियागंज में स्कूल की स्थापना की थी। वर्ष 1933 में स्कूल बाराखंभा रोड स्थित पहुंचा। 1961 में स्कूल के जूनियर विंग की शुरुआत हुमायूं रोड पर रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल के रूप में हुई। 1975 में वंसत विहार में एक अन्य शाखा खुली। अब दिल्ली-एनसीआर में कुंडली, फरीदाबाद और गाजियाबाद में शाखाएं हैं।