मणप्पुरम गोल्ड लूट केस : गर्ल फ्रेंड से लंबी बात से खुला लूट का राज
मणप्पुरम गोल्ड लूट मामले में पुलिस को पहले ही दिन से सुराग मिलने शुरू हो गए थे। इसमें फर्जी आईडी से लेकर आरोपी की गर्लफ्रेंड की वो लंबी बात भी है जिससे पुलिस लुटेरों तक पहुंची थी।
पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनी देवेंद्र उर्फ देवा द्वारा शाखा में अंदर जाने से पूर्व गार्ड को दिखाई गई आईडी। आईडी पर जींद जिले के गांव बराह का पता था। बस यहीं से पुलिस ने आगे बढ़ने का काम शुरू किया।
इसी आईडी के आधार पर पुलिस टीम ने काम करना शुरू किया गया। वहां जाकर पता चला कि देवेंद्र का परिवार यहां से बाहर रहता है। वह गांव में नहीं रहते।
गर्ल फ्रेंड से कई बार हुई थी लंबी बात
इसी बीच ग्रामीणों ने बताया कि उसके चाचा का लड़का बिजेंद्र भी गुरुग्राम में ही रहता है। उससे जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने बिजेंद्र के परिजनों से उसका मोबाइल नंबर व पता लेने के बाद सबसे पहले उसे सेक्टर-43 में एक पीजी से पकड़ा। इसके बाद वहां से विकास का नंबर पूछा तो वह बंद मिला।
पुलिस ने विकास गुप्ता के नंबर रिकार्ड खंगाला तो पता चला कि उसके नंबर से एक अन्य मोबाइल नंबर पर कई बार और लंबी बातें की गई हैं। इस नंबर पर पुलिस ने संपर्क किया तो पता चला कि वह विकास की गर्लफ्रेंड है जो कि डीएलएफ-3 के एस ब्लाक में प्लाट नंबर 36/40 के कमरा नंबर-4 में विकास के साथ रहती थी।
गर्लफ्रेंड के माध्यम से पुलिस ने विकास को उसके दूसरे नंबर पर फोन किया
गर्लफ्रेंड के माध्यम से पुलिस ने विकास को उसके दूसरे नंबर पर फोन किया। उस समय विकास ने फोन को चार्जिंग पर लगाया था। दो बार फोन करने के बाद विकास वरना कार से सेक्टर-29 की मार्केट में पहुंचा। यहां उसकी गर्लफ्रेंड एक ऑटो में बैठी थी। ऑटो चालक भी कोई और नहीं बल्कि पुलिसकर्मी ही था।
युवती ने विकास को ऑटो के अंदर बात करने के लिए बुला लिया और कहा कि चालक से कहा कि वह थोडी देर के लिए बाहर चला जाए। जिसके बाद ऑटो चालक बने पुलिसकर्मी ने अपनी टीम को खबर कर दी और विकास को मौके पर ही घेर लिया गया।
विकास के गले में थी सोने की सात चेन
जिस वरना गाड़ी में विकास अपनी गर्लफ्रें ड को लेने सेक्टर-29 की मार्केट में आया था। उसी गाड़ी में लूटा गया बाकी सोना पड़ा हुआ था। पुलिस के लिए यह बड़ी राहत वाली बात थी कि आरोपी के साथ सोना भी बरामद हो गया।
एयर होस्टेस ने अहमदाबाद के होटल में कराया था कमरा बुक
मामले की कड़ी जोड़ा गया तो पता चला कि एक आरोपी देवेंद्र उर्फ देवा अहमदाबाद निकल गया है। उसके नंबर की कॉल डिटेल निकाली गई। उसमें लास्ट कॉल एक नंबर की मिली। जिस पर संपर्क किया गया तो पता चला कि वह उसकी दोस्त है।
उससे देवेंद्र के बारे पूछा गया तो उसने बताया कि 9 फरवरी को अहमदाबाद के लेमन ट्री होटल में उसने देवेंद्र के लिए रूम बुक कराया है। उसने रूम नंबर भी बता दिया।
इसके बाद रात में ही पुलिस की एक टीम फ्लाइट से अहमदाबाद के उस होटल में पहुंच गई और उसे दबोच लिया गया। इसी बीच फर्रु खनगर निवासी होशियार उर्फ मनोज सैनी को भी दबोच लिया गया।
लूट की वारदात के बाद बदलने वाले थे कमरा
डीएलएफ-3 एस ब्लॉक प्लाट 35/1 के कमरा नंबर-8 में रहने वाले आरोपियों ने इसी भवन में रोहताश की दुकान से सामान भी उधार लिया हुआ था। करीब 3500 रुपये उन पर बकाया था। जब दुकानदार ने उनसे पैसे की मांग की तो उन्होंने एक-दो दिन में ही बकाया चुकाने की बात कही थी।