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गाजियाबाद: पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बताई चौंकाने वाली वजह
Fri, 05 Jul 2019 08:12 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मसूरी, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मसूरी, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 05 Jul 2019 08:12 AM IST
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मौके पर जमा परिजन और अन्य
- फोटो : एएनआई
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गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के न्यू शताब्दीपुरम में युवक ने तीन बेटियों और पत्नी की निर्ममता के साथ हत्या कर खुदकुशी कर ली। हथौड़े से पत्नी के सिर पर वार किए और तीनों बच्चियों के मुंह पर टेप चिपकाकर गला घोंट दिया गया।
इसके बाद युवक ने अपने मुंह पर टेप चिपकाकर आत्महत्या कर ली। मृतक युवक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। बताया गया कि युवक पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक करता था।
मूलरूप से मेरठ के गांव अघैड़ा निवासी प्रदीप (37) पुत्र फेरुराम वर्तमान में न्यू शताब्दीपुरम माता-पिता, बहन, पत्नी संगीता (35) और बेटियों मनस्वी (8), यशस्वी (5) व ओजस्वी (3) के साथ रह रहा था। संगीता एम्स में स्टाफ नर्स थी। मनस्वी कक्षा तीन, यशस्वी कक्षा दो और ओजस्वी प्ले स्कूल में थी।
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शुक्रवार सुबह 4:30 के बाद बच्चियों के रोने की आवाज आने पर प्रदीप के पिता ने शोर मचाया। प्रदीप को दरवाजा खोलने के लिए कहा। उसने कहा कि कुछ देर रुको अभी दरवाजा खोलता हूं। कुछ ही देर में कमरे से आवाज आनी बंद हो गई। उन्होंने अंदर दरवाजा काफी देर तक बजाया, लेकिन कोई नहीं बोला।
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इसके बाद युवक ने अपने मुंह पर टेप चिपकाकर आत्महत्या कर ली। मृतक युवक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। बताया गया कि युवक पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक करता था।
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मूलरूप से मेरठ के गांव अघैड़ा निवासी प्रदीप (37) पुत्र फेरुराम वर्तमान में न्यू शताब्दीपुरम माता-पिता, बहन, पत्नी संगीता (35) और बेटियों मनस्वी (8), यशस्वी (5) व ओजस्वी (3) के साथ रह रहा था। संगीता एम्स में स्टाफ नर्स थी। मनस्वी कक्षा तीन, यशस्वी कक्षा दो और ओजस्वी प्ले स्कूल में थी।
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शुक्रवार सुबह 4:30 के बाद बच्चियों के रोने की आवाज आने पर प्रदीप के पिता ने शोर मचाया। प्रदीप को दरवाजा खोलने के लिए कहा। उसने कहा कि कुछ देर रुको अभी दरवाजा खोलता हूं। कुछ ही देर में कमरे से आवाज आनी बंद हो गई। उन्होंने अंदर दरवाजा काफी देर तक बजाया, लेकिन कोई नहीं बोला।
पड़ोसियों को बुलाया और ऊपर जाकर देखा तो सभी बेड पर पड़े हुए थे। परिवार के लोगों ने पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो पांचों के शव बेड पर पड़े थे। पुलिस ने बताया कि संगीता की सांसें चल रहीं थी।
उसे संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। परिजन प्रदीप व तीनों बच्चियों को डासना सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
बराबर के कमरे में सो रहे थे परिजन
संगीता तीनों बच्चियों केसाथ अपने कमरे में सोई हुई थीं। प्रदीप ड्राइंग रूम में सो रहा था। पिता फेरुराम, मां शीला और बहन रीना बराबर के कमरे में सोए हुए थे। बच्ची के रोने के आवास सुनकर सबसे पहले फेरुराम की नींद खुली।
उसे संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। परिजन प्रदीप व तीनों बच्चियों को डासना सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
बराबर के कमरे में सो रहे थे परिजन
संगीता तीनों बच्चियों केसाथ अपने कमरे में सोई हुई थीं। प्रदीप ड्राइंग रूम में सो रहा था। पिता फेरुराम, मां शीला और बहन रीना बराबर के कमरे में सोए हुए थे। बच्ची के रोने के आवास सुनकर सबसे पहले फेरुराम की नींद खुली।