पत्नी के सामने खुद को लगाई आग: महिला को गली में बुलाया, जबरदस्ती ले जाना चाहा; मरने से पहले यह थे आखिरी शब्द
महेंद्र पार्क में घरेलू विवाद में दीपेश चौधरी ने खुद को आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। उसने मरने से पहले पत्नी और सास पर आग लगाने का आरोप लगाया। पुलिस जांच कर रही है।
विस्तार
महेंद्र पार्क के जहांगीरपुरी इलाके में सोमवार रात घरेलू विवाद में एक युवक ने दिल को दहलाने वाली घटना को अंजाम दिया। पत्नी के ससुराल जाने से इनकार करने पर उत्तम नगर निवासी 39 साल के दीपेश चौधरी ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। पुलिस ने उसे पास के बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मरने से पहले दीपेश ने दिए बयान में पत्नी और सास पर कुछ लोगों के साथ मिलकर आग लगाने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी।
उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे शाम ए ब्लॉक जहांगीरपुरी में एक युवक के आग लगाने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां एक व्यक्ति जिसका नाम दीपेश चौधरी था, को जली हुई हालत में पाया। उसकी हालत गंभीर थी। पुलिस ने वीडियो रिकार्डिंग कर उसके बयान को दर्ज किया, जिसमें उसने बताया कि उसकी पत्नी के अन्य लोगों के साथ अफेयर हैं। उसकी पत्नी निशा उसके साथ वापस जाना नहीं चाह रही थी। जबरदस्ती ले जाने की कोशिश करने पर उसकी पत्नी निशा और सास ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी है। पुलिस घायल दीपेश को लेकर अस्पताल पहुंची। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरू की।
खुद को वन अधिकारी बताकर की थी शादी
पुलिस ने दीपेश की पत्नी निशा और सास को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। निशा ने पुलिस को बताया कि 2025 में जीवन साथी डॉट कॉम के जरिए दोनों की मुलाकात हुई। मूलत: पुणे का रहने वाले दीपेश ने साइट पर अपनी प्रोफाइल में खुद को फोरेस्ट अधिकारी बताया था। निशा एमबीए की पढ़ाई कर नौकरी कर रही थी। उनलोगों के बीच बातचीत और मुलाकात होने लगी। निशा का आरोप है कि इस दौरान उसने उसके कुछ फोटोग्राफ ले लिए। बाद में निशा को पता चला कि वह कोई काम धंधा नहीं करता है। पूछताछ करने पर उसने खुद को रॉ का अधिकारी बताया, लेकिन वेतन आने की बात पूछने पर वह उससे झगड़ा करने लगा।
निशा ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया। निशा का आरोप है कि दीपेश ने उसके पिता और भाई की हत्या करने की धमकी दी और उसके फोटोग्राफ को वायरल कर घर के सामने खुदकुशी करने की धमकी देकर शादी का दबाव बनाया। 2 अप्रैल 2026 में उसने दीपेश से उसने शादी कर ली। उसके बाद से वह उत्तम नगर में रहने लगे। निशा को पता चला कि वह ऊबर में बाइक राइडर है।
निशा का आरोप है कि शादी के तीन दिन बाद से ही मारपीट करने लगा। उसने घरेलू हिंसा को लेकर महिला अपराध शाखा में शिकायत दी। साथ ही उसने द्वारका अदालत में तलाक की अर्जी डाल दी। आरोप है कि 11 मई को आरोपी ने उस पर जानलेवा हमला किया। जिसकी शिकायत उसने उत्तम नगर थाने में की। पीसीआर के आने पर दीपेश घर छोड़कर भाग गया। साथ में उसके भी कपड़े लेकर भाग गया। 15 मई को वह मायके आ गई।
घटना वाले दिन क्या हुआ था
निशा ने बताया कि सोमवार शाम करीब 4.15 बजे उसके पति ने फोन किया और बताया कि वह उसके कपड़े लेकर आया है। उसने उसे घर के गली के कोने पर बुलाया। जहां पहुंचने पर उसने उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर वह उसका फोन लेकर भाग गया। वहीं घर पहुंचने के बाद पांच बजे पुलिस को शिकायत की और अपने अकाउंट को फ्रीज करवाने की कोशिश करने लगी। कुछ देर बाद वह फिर वापस आया। वह उसे जबरदस्ती साथ चलने के लिए कहने लगा। दरवाजा खोलने से मना करने पर उसने फंसाने की धमकी दी।
वह पुलिस को फोन करने लगी। तभी हमें नीचे कुछ शोर-शराबा सुनाई दिया, और जब हमने नीचे देखा तो नीचे गली में भीड़ जमा हो गई थी। हम बहुत डर गए और तय किया कि पुलिस के आने के बाद ही वह नीचे जाएंगे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि मृतक और उसकी पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद चल रहे थे। घटना के दिन उनके बीच कहासुनी हुई और दीपेश ने कथित तौर पर आत्महत्या करने की धमकी दी और बाद में अपनी पत्नी के घर के बाहर खुद को आग लगा ली।
आग की लपटों से घिरा ऊपर से नीचे आया
निशा की मकान मालकिन परमजीत ने बताया कि घटना के समय वह पति और सास के साथ घर में मौजूद थी। इसी दौरान शोर सुनाई दिया कि किसी ने आग लगा ली है। आसपास के लोग उसके घर के सामने आ गए। वह घर से बाहर निकली। उसने देखा कि आग की लपटों से घिरा युवक सीढ़ियों से नीचे आ रहा है। वह नीचे आकर गिर गया। उसके सारे कपड़े जल चुके थे। 10 मिनट बाद उसने बताया कि उसकी पत्नी और सास ने आग लगाई है। उसके बाद उसने 112 नंबर पर संपर्क किया, संपर्क नहीं होने पर उसने थाना प्रभारी को फोन कर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बयान लेने के बाद उसे अस्पताल लेकर गए।