दिल्ली पुलिस ने पकड़ी अवैध हथियारों की खेप, सीएनजी सिलेंडर में डालकर करता था सप्लाई
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने त्यौहारों के मौसम से पहले हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी है। अपराध शाखा ने खेप के साथ मौत के एक सौदागर को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी आई-10 कार के सीएनजी सिलेंडर में अवैध हथियार रखकर सप्लाई करता था।
आरोपी की कार के सीएनजी सिलेंडर से 40 स्वचालित पिस्टल, एक कारबाईन व 20 मैगजीन बरामद की गई हैं। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह दिल्ली-एनसीआर में एक वर्ष से अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था और वह 150 से ज्यादा अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुका है।
अपराध शाखा डीसीपी डॉ. जी. रामगोपाल नायक के अनुसार दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम में हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए अवैध हथियार तस्करों पर नजर रखने के लिए कहा गया। पुलिस को जांच में पता लगा कि मेरठ, मेवात, मथुरा, बिहार के मुंगेर औरा मध्यप्रदेश से अवैध हथियार दिल्ली-एनसीआर में आ रहे हैं। इसके बाद एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार की विशेष टीम बनाई गई।
एएसआई राकेश तोमर को सूचना मिली थी कि गाजियाबाद निवासी इरशाद खान अवैध हथियार सप्लाई करने में लगा हुआ है और वह अवैध हथियारों की खेप लेकर गाजीपुर गोलचक्कर के पास आएगा। पुलिस टीम ने सोमवार रात करीब सवा दो बजे यहां घेराबंदी की। तभी आई-10 कार वहां आई। पुलिस टीम ने कार चालक को रूकने का इशारा किया तो आरोपी ने कार को गाजीपुर सब्जी मंडी की तरफ मोड़कर भागने की कोशिश की। सर्तक पुलिस टीम ने पीछा कर इंद्रिरापुरम, गाजियाबाद निवासी इरशाद खान(34) को पकड़ लिया।
शुरू में पुलिस को कार से कुछ नहीं मिला। पुलिस टीम ने सीएनजी सिलेंडर को चैक किया तो उसमें अवैध हथियार मिले। इरशाद खान ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले एक वर्ष से दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों को हथियार सप्लाई कर रहा है। वह अवैध हथियार मध्यप्रदेश से लाता था। कई बार बदमाश उससे डिमांड कर मंगाते थे।
मादक पदार्थ सप्लाई में गिरफ्तार हो चुका है
मुजफ्फरनगर, यूपी में वर्ष 1985 में पैदा हुआ इरशान खान का परिवार 1994 में नोएडा आ गया था। वह सेक्टर-5 नोएडा, यूपी में अपने पिता के साथ काम करता था। वर्ष 2002 से 2014 तक उसने एनडीपीएल के तहत बिजली के मीटर लगाने का काम किया। वर्ष 2015 में इसने दुबई कपड़े भेजने का काम शुरू किया।
सितंबर, 2016 में ये एयरपोर्ट पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हुआ था। नवंबर, 2018 में ये जेल से बाहर आया। फरवरी, 2019 में ये वाहन चोरी के आरोप में दिल्ली व फरीदाबाद में गिरफ्तार हुआ। जेल में ये स्थानीय गैंगस्टर के संपर्क में आया। इसकी गैंगस्टर से दोस्ती हो गई। इनके जरिए से अवैध हथियार बनाने वालों के संपर्क में आया। इसके बाद इसने अवैध हथियार सप्लाई करना शुरू कर दिया था।