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Mahakumbh : मेले में एनजीटी के निर्देशों के नहीं हो रहा पालन, दावा- यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़, याचिका

Thu, 16 Jan 2025 04:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन राजपूत, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 16 Jan 2025 04:52 AM IST
सार

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दावा करते हुए कहा है कि तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक एनजीटी के स्पष्ट निर्देशों का पालन नहीं हुआ है, जो अत्यंत गंभीर है और कुंभ यात्रियों की सुरक्षा से सीधे खिलवाड़ है।

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Mahakumbh: NGT instructions are not being followed in the fair
एनजीटी - फोटो : संवाद

विस्तार

यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के पूर्व निर्देशों का अनुपालन नहीं किए जाने के संबंध में याचिका दायर हुई है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दावा करते हुए कहा है कि तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक एनजीटी के स्पष्ट निर्देशों का पालन नहीं हुआ है, जो अत्यंत गंभीर है और कुंभ यात्रियों की सुरक्षा से सीधे खिलवाड़ है। ऐसे में उन्होंने याचिका दायर कर अधिकरण से इन आदेशों का तत्काल अनुपालन किए जाने की मांग की है।

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याचिका में उन्होंने कहा है कि अधिकरण ने कमलेश सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में 23 दिसंबर, 2024 को अपने आदेश में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को सप्ताह में कम से कम दो बार गंगा और यमुना के मुहाने पर सैंपल लेने व उसे अपने वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए थे। इस रिपोर्ट में एसटीपी और जिओ ट्यूब की स्थिति को भी प्रस्तुत किया जाना है।
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साथ ही, इस संबंध में किए गए ऑनलाइन मॉनिटरिंग डाटा भी वेबसाइट पर प्रस्तुत किए जाने हैं। वहीं, इसी कड़ी में याचिकाकर्ता ने सीपीसीबी व यूपीपीसीबी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर ट्रिब्यूनल के कुंभ मेले के संबंध में दिए गए निर्देशों का अनुपालन किए जाने की मांग की थी। यही नहीं, उन्होंने इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी भेजी थी।
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कोर्ट ने दिए था अपने पूर्व के आदेश में बड़ा फैसला
इससे पहले अधिकरण ने मामले में साफ तौर पर उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गंगा और यमुना नदी की जल गुणवत्ता हर समय पीने योग्य या नहाने योग्य जल स्तर के अनुरूप हो। साथ ही, अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि नदियां ठोस अपशिष्ट या सीवेज के निर्वहन से प्रदूषित न हों।


अदालत ने यूपीपीसीबी और सीपीसीबी को 31 दिसंबर और 28 फरवरी तक अनुपालन की स्थिति दर्शाते हुए दो व्यापक कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया हैं। साथ ही, महाकुंभ के दौरान प्राथमिक जल गुणवत्ता मानदंडों को पूरा करने के लिए गंगा और यमुना नदियों की जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी नियमित अंतराल पर आवश्यक है। साथ ही, अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रयागराज के किसी भी नाले से कोई भी अनुपचारित मलजल या ठोस अपशिष्ट गंगा और यमुना नदियों में न बहाया जाए।

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