फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Lt. Governor Najeeb Jung's resignation, will return to the field of education

अभी मंजूर नहीं हुआ है जंग का इस्तीफा, अगले LG की दौड़ में बस्सी समेत ये नाम

Fri, 23 Dec 2016 12:21 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 23 Dec 2016 12:21 PM IST
विज्ञापन
Lt. Governor Najeeb Jung's resignation, will return to the field of education
नजीब जंग - फोटो : अमर उजाला

उपराज्यपाल नजीब जंग ने बृहस्पतिवार को अपना इस्तीफा केंद्र सरकार को भेज दिया। दिल्ली सरकार और जंग के बीच जारी वर्चस्व की जंग के बीच अचानक उनके इस्तीफे से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हालांक‌ि उनका इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं क‌िया गया है।

विज्ञापन

 

इसका कारण राष्ट्रपत‌ि प्रणब मुखर्जी का द‌िल्ली से बाहर होना बताया जा रहा है।जब तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं होता तब जंग कार्यभार संभालते रहेंगे। उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित दिल्ली की जनता का धन्यवाद करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में लौटने की बात की है।

विज्ञापन


जामिया मिल्लिया इस्लामिया का कुलपति रहने के बाद 9 जुलाई 2013 में नजीब जंग ने केंद्र और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार के दौरान उपराज्यपाल का पद ग्रहण किया था। उनके इस्तीफे को लेकर उपराज्यपाल कार्यालय ने बयान जारी किया, जिसमें नजीब के फिर से शिक्षा के क्षेत्र में लौटने की बात कही    गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नजीब ने प्रधानमंत्री को कार्यकाल के दौरान सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने दिल्ली की जनता को खासकर एक साल के राष्ट्रपति शासन के समय सहयोग व प्रेम देने के लिए शुक्रिया कहा। इसके अलावा मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी धन्यवाद दिया। राजभवन से जारी बयान में सबसे अंत में कहा गया है कि वे अपने पहले प्यार की तरफ वापस जा रहे हैं, जो एकेडमिक्स है।

अचानक इस्तीफा देने के साथ ही राजनीतिक दलों में भूचाल आ गया

Lt. Governor Najeeb Jung's resignation, will return to the field of education
एलजी नजीब जंग - फोटो : अमर उजाला

नजीब के अचानक इस्तीफा देने के साथ ही राजनीतिक दलों में भूचाल आ गया। सबसे पहले आप सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर जंग को भविष्य की शुभकामनाएं दीं और सवाल खड़ा किया कि जंग के बाद भी क्या जंग जारी रहेगी? वहीं, जंग के इस्तीफे को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और केजरीवाल के बीच एक डील करार दिया है।

उधर, सियासी गलियारों में यह भी चर्चा रही कि क्या अब केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच स्थितियां सामान्य होंगी। ऐसी स्थिति में उपराज्यपाल की नियुक्ति के लिए कौन सा ऐसा नाम है, जो आगे आ सकता है?

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच केंद्र शासित राज्य होने के कारण वर्चस्व की जंग जारी थी। तमाम विवादों के बीच केजरीवाल ने कुछ समय पूर्व ट्वीट किया था कि जंग साहब ने अपनी आत्मा मोदी को बेच दी है, लेकिन जंग साहब यह ध्यान रखें कि मोदी कभी किसी मुस्लिम को उपराष्ट्रपति नहीं बनाएंगे।

बताया उपराष्ट्रपत‌ि की दौड़ में नहीं हैं शाम‌िल

Lt. Governor Najeeb Jung's resignation, will return to the field of education
एलजी नजीब जंग - फोटो : अमर उजाला

उधर, इस्तीफा देने के बाद नजीब जंग ने मीडिया को यह भी कहा कि वे उपराष्ट्रपति की दौड़ में शामिल नहीं हैं। वे विदेश में शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं।

तमाम खट्टे-मीठे अनुभवों के बावजूद कह सकता हूं कि नजीब जंग साहब के साथ हमने मिलकर दिल्ली के लिए बहुत अच्छा काम किया। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।- मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री।

उपराज्यपाल नजीब जंग का इस्तीफा मेरे लिए हैरानी भरा है। भविष्य में उनके सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।- अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री।

बैजल, बस्सी और बेदी एलजी की दौड़ में शाम‌िल

Lt. Governor Najeeb Jung's resignation, will return to the field of education
anil baijal, bs bassi, kiran bedi - फोटो : अमर उजाला

राजनिवास में नई एंट्री के लिए नामों पर चर्चा शुरू हो गई है। जो नाम आगे चल रहे हैं, उसमें पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल, दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त अजय राज शर्मा और बीएस बस्सी के नाम शामिल हैं।

दिल्ली से लक्ष्यद्वीप की उपराज्यपाल बनाकर भेजी गईं किरण बेदी और अंडमान के उपराज्यपाल बनाकर भेजे गए भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. जगदीश मुखी के नाम पर भी चर्चा हो रही है।

दिल्ली उच्च न्यायालय की तरफ से उपराज्यपाल को शक्तिशाली बताए जाने और 67 सीट वाली आप सरकार के बीच जंग में नए एलजी के लिए कौन सा चेहरा फिट बैठेगा, इस पर मंथन शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि भाजपा व संघ के करीबी माने जाने वाले पूर्व गृह सचिव सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल बैजल पहली पसंद हो सकते हैं।

वे दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर तैनात रहे हैं और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में सचिव भी रहे हैं। अमूमन प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारी को ही दिल्ली के उपराज्यपाल की कुर्सी मिलती रही है।

दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त बीएस बस्सी के साथ आप सरकार का छत्तीस का आंकड़ा रहा है। बस्सी सधे राजनेता की तरह पुलिस आयुक्त की कुर्सी पर रहते हुए भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चुटकी लेते रहे हैं। ऐसे में उनके नाम की भी चर्चा है।

वहीं, दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त अजय राज शर्मा भी संघ परिवार के करीब हैं। उनका नाम भी चल रहा है, क्योंकि उपराज्यपाल की कुर्सी पर सबसे अधिक काम कानून व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों का ही होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed