{"_id":"6a9ec8369560b1ab180fa142","slug":"broken-sewer-slab-creates-trouble-in-gandhi-nagar-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-718-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: गांधी नगर में टूटा सीवर स्लैब बना मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: गांधी नगर में टूटा सीवर स्लैब बना मुसीबत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोजाना कोई न कोई बन रहा हादसे का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। गांधी नगर स्थित अजीत नगर इलाके में टूटा सीवर स्लैब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी व हादसों का कारण बना हुआ है। राहगीर खुले सीवर से बचने के लिए दीवारों के किनारे से गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने सीवर को लकड़ी के पुराने दरवाजे से ढक दिया है, लेकिन यह अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं है।
यह क्षेत्र व्यावसायिक व आवासीय दृष्टि से अत्यधिक व्यस्त है, जहां दिनभर रिक्शा, ऑटो व टेम्पो की आवाजाही रहती है। खुले सीवर व खराब सड़क के कारण पैदल राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है।
स्थानीय निवासी रंजन ने बताया कि काफी समय पहले स्लैब टूट गया था, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों ने खुद ही लकड़ी का दरवाजा रख दिया। फैज ने बताया कि इसके बावजूद रोजाना कोई न कोई हादसे का शिकार होता है और रात में रोशनी न होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
विज्ञापन
तौसिब ने कहा कि प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लकड़ी का दरवाजा कभी भी हट या टूट सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। निवासियों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। गांधी नगर स्थित अजीत नगर इलाके में टूटा सीवर स्लैब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी व हादसों का कारण बना हुआ है। राहगीर खुले सीवर से बचने के लिए दीवारों के किनारे से गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने सीवर को लकड़ी के पुराने दरवाजे से ढक दिया है, लेकिन यह अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं है।
यह क्षेत्र व्यावसायिक व आवासीय दृष्टि से अत्यधिक व्यस्त है, जहां दिनभर रिक्शा, ऑटो व टेम्पो की आवाजाही रहती है। खुले सीवर व खराब सड़क के कारण पैदल राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी रंजन ने बताया कि काफी समय पहले स्लैब टूट गया था, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों ने खुद ही लकड़ी का दरवाजा रख दिया। फैज ने बताया कि इसके बावजूद रोजाना कोई न कोई हादसे का शिकार होता है और रात में रोशनी न होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
विज्ञापन
तौसिब ने कहा कि प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लकड़ी का दरवाजा कभी भी हट या टूट सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। निवासियों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की।