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हार्डवेयर कारोबारी को परिवार समेत बंधक बनाकर डकैती

Sat, 07 Jul 2018 09:25 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 07 Jul 2018 09:25 AM IST
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loot of in house after making hostage to hardware businessman with family
प्रीत विहार में इस घर में हुई लूट - फोटो : अमर उजाला

प्रीत विहार इलाके में शुक्रवार तड़के आठ से दस हथियारबंद बदमाशों ने एक कारोबारी के घर पर धावा बोलकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश घर में मौजूद कारोबारी उसकी पत्नी और बुजुर्ग मां को बंधक बनाकर 15 से 20 लाख नकद और करीब 50 लाख के सोने और हीरे के गहने लूटकर फरार हो गए।

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वारदात के दौरान बदमाशों ने कारोबारी, सिक्योरिटी गार्ड और नौकर की सरिये से पिटाई भी की। पुलिस ने डकैती का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को वारदात में बांग्लादेशी गैंग के शामिल होने का शक है। पुलिस ने वारदात में परिचित के शामिल होने की आशंका जताई है।
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पुलिस के अनुसार, मनमोहन बंसल (61), पत्नी प्रेम बंसल और 85 वर्षीय मां रमा बंसल प्रीत विहार ए ब्लॉक में रहते हैं। उनका चावड़ी बाजार में हार्डवेयर का कारोबार है। परिवार में उनका एक बेटा निखिल और बेटी कनिका है जो इन दिनों बद्रीनाथ गए हुए हैं।
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तीनों बुजुर्गों के अलावा घर में दो नौकर और एक सिक्योरिटी गार्ड बिट्टू रहता है। मनमोहन के घर के पीछे हरियाली है व दीवार के पीछे रेलवे लाइन है। तड़के करीब चार बजे आठ से दस बदमाश रेलवे लाइन की तरफ से आए। दीवार पर लगे कटीले तार काटने के बाद उन्होंने सबसे किनारे बने बंसल के घर को टारगेट किया।

गार्ड को बदमाशों के आने की भनक लग गई लेकिन इससे पूर्व बदमाशों ने उसके पास पहुंचकर पिस्टल के बल पर उसे काबू कर लिया। उसके साथ मारपीट कर उसे रेलवे लाइन के पास पेड़ से बांध दिया। उसके चेहरे पर पट्टी बांध दी। उसके बाद बदमाश पीछे से मनमोहन बंसल के घर के दरवाजे पर लगी जाली को काटकर अंदर घुस गए।

बदमाशों ने विरोध करने पर मनमोहन बंसल व उसके एक नौकर के साथ मारपीट की। बदमाशों ने मनमोहन के मुंह में डंडा डाल दिया। सभी को बंधक बनाकर लूटपाट को अंजाम दिया। बदमाश नकदी और गहने लेकर फरार हो गए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बदमाश घर से करीब 50 लाख रुपये कीमत के गहने ले गए हैं। ऊपर की मंजिल पर सोये एक नौकर को वारदात की भनक नहीं लगी।

वारदात के दौरान मनमोहन बंसल और नौकर अजय को भी चोटें लगी हैं। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। घर से कितनी रकम और गहने लूटे गए हैं, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बदमाशों के हुलिया और बोलचाल से उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।- पंकज कुमार सिंह, पुलिस उपायुक्त, पूर्वी जिला    

वारदात का कैसे चला पता 
पुलिस के अनुसार कालोनी में दिन-रात सिक्योरिटी गार्ड मौजूद रहता है। रात में गार्ड गश्त भी करते हैं। तड़के कालोनी का गार्ड गश्त करता हुआ मनमोहन बंसल के घर की तरफ गया। वहां उनका सिक्योरिटी गार्ड मौजूद नहीं था। दूसरी बार भी गश्त के दौरान जब गार्ड को नहीं देखा तो कुछ शक हुआ। दूसरे गार्ड को बुलाकर मनमोहन बंसल के घर के पीछे गया। जहां गार्ड को आवाज देने पर उसके चीखने की आवाज आई। वहां पहुंचने पर उन लोगों ने गार्ड को पेड़ से बंधा हुआ देखा। पीड़ित गार्ड ने बताया कि मनमोहन बंसल के घर में बदमाश घुसे हुए हैं। उन लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

घर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब
जांच में पता चला कि मनमोहन बंसल के घर में तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। तीनों कैमरों से पूरे घर पर नजर रखी जा सकती है। जांच में पता चला कि तीनों कैमरे खराब हैं। पुलिस ने कालोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल की, लेकिन किसी भी कैमरे में बदमाशों का चेहरा कैद नहीं हुआ। क्योंकि बदमाश पीछे की तरफ से घर में घुसे थे और वारदात के बाद फरार हो गए।

बांग्लादेशी गैंग पर वारदात का शक 
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है, इस तरह से बांग्लादेशी बदमाश ही वारदात को अंजाम देते हैं। प्रीत विहार में इससे पूर्व दुलाल, आलमगीर और सईद मास्टर के गैंग वारदात को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस आलमगीर और दुलाल को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि सईद मास्टर अभी फरार है। इससे पूर्व बांग्लादेशी गैंग ने वर्ष 2012 में प्रीत विहार में वारदात को अंजाम दिया था।


परिचित के शामिल होने का शक
पुलिस अधिकारियों ने कारोबारी के परिचित के भी वारदात में शामिल होने का शक जताया है। पुलिस का कहना है कि मनमोहन बंसल के घर में दो नौकर, एक सिक्योरिटी गार्ड, एक नौकरानी और एक ड्राइवर काम करता है। कुछ दिन पहले ही मनमोहन बंसल के बेटा-बेटी दिल्ली से बाहर गए हैं। सिर्फ अपने परिचित को ही इस बात की जानकारी थी कि घर में तीन बुजुर्ग मौजूद हैं। जहां आसानी से वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।

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